पीलीभीत: झाड़ियों में छिपे बाघ ने ग्रामीणों पर किया हमला, तीन घायल
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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माला रेंज में एक बार फिर बाघ ने ग्रामीणों को अपना शिकार बनाया है। शुक्रवार को झाड़ियों में छिपे बाघ ने एक बुजुर्ग किसान समेत तीन लोगों पर अचानक हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हमले की जानकारी मिलने पर मुख्य वन संरक्षक, डीएम, डिप्टी डायरेक्टर समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे। कांबिंग के दौरान बाघ ने वन विभाग की टीम पर भी हमला कर दिया। हालांकि उसमें वनकर्मी बाल-बाल बच गए। इस दौरान धूप निकलने की वजह से कांबिंग रोक दी गई।
शुक्रवार सुबह पीलीभीत-पूरनपुर हाइवे से 700 मीटर दूर जराकोठी-शिवनगर लिंक मार्ग पर सुबह सात बजे यह घटना हुई। गजरौला क्षेत्र के गांव जरी निवासी गुरप्रीत सिंह और हरदीप सिंह बाइक से खेत जा रहे थे। लिंक मार्ग पर पहुंचने पर झाड़ियों में छिपे बाघ ने छलांग लगाकर हमला कर दिया।
दोनों बाइक सवार इस हमले में बच निकले। कुछ देर बाद गांव लालपुर निवासी रामबहादुर (55) साइकिल से लिंक मार्ग होते हुए हाइवे स्थित स्कूल जा रहे थे। रामबहादुर स्कूल के गार्ड हैं। जैसे ही वह लिंक मार्ग से आगे बढ़े तो बाघ ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। रामबहादुर ने बाघ पर डंडा चलाया तो बाघ ने उनका हाथ चब डाला।
वह सड़क के किनारे खाई में गिर गए। तभी पीछे से एक बाइक से दो और लोग आ गए। अपने नौकर लालता प्रसाद को पीछे बैठाकर बाइक चला रहे गांव जरी निवासी उजागर सिंह (60) यह सब देखते ही रुक गए और वापस खेत की तरफ बाइक दौड़ा दी। तभी बाघ ने उनके नौकर लालता प्रसाद पर छलांग लगा दी।
इससे लालता प्रसाद के सिर और गर्दन पर चोटें आईं हैं। उजागर सिंह उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़े तो बाघ उन पर भी हमलावर हो गया। बाघ ने उजागर सिंह के हाथ, पैर और गर्दन पर वार कर उन्हें लहूलुहान कर डाला। शोर-शराबा होने पर बाघ फिर से झाड़ियों में जाकर छिप गया।
घटना की सूचना मिलने पर पहुंची गजरौला पुलिस ने घायल रामबहादुर, उजागर सिंह और लालता प्रसाद को जिला अस्पताल भिजवाया। डीएम वैभव श्रीवास्तव और डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी मौके पर पहुंचे। बाघ को खदेड़ने के लिए सुबह 10:30 बजे कवर्ड ट्रैक्टर से कांबिंग शुरू कराई गई।
दोपहर दो बजे के आसपास बाघ ने वन विभाग की ट्रैक्टर में बैठी टीम पर भी हमला कर दिया। ट्रैक्टर कवर्ड होने के कारण टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए। जानकारी मिलने पर मुख्य वन संरक्षक बरेली वृत ललित वर्मा भी मौके पर पहुंच गए।
फिर धूप के कारण ढाई बजे कांबिंग रोककर शाम को दोबारा शुरू करना तय हुआ। इस बीच बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और सामाजिक दूरी के नियमों के पालन की धज्जियां उड़ गईं।
डीएम ने बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़ने को कहा
बाघ द्वारा हमले की जानकारी मिलने पर डीएम जराकोठी पहुंचे और डिप्टी डायरेक्टर को घायलों की हर संभव मदद करने और ट्रेस कर बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने घटनास्थल का भी मुआयना किया।