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Pilibhit News: 24 घंटे में तीन और गोवंशीय पशुओं ने तोड़ा दम
Tue, 15 Aug 2023 12:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 15 Aug 2023 12:23 AM IST
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परशुरामपुर गौशाला का निरीक्षण करते तहसीलदार हेमराज बोनाल । संवाद
कलीनगर। परशुरामपुर गोआश्रय स्थल में एक सप्ताह से हर रोज गोवंश की मौत हो रही है। अफसर व्यवस्थाएं सही करने के बजाय सच्चाई पर पर्दा डालने में लगे हैं। 29 दिनों में 16 गोवंश की मौत हो चुकी है। रविवार से सोमवार के बीच 24 घंटेे में तीन और गोवंश ने दम तोड़ दिया है। दो गोवंश के शवों को गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। पोस्टमार्टम सिर्फ एक का ही किया गया। तहसीलदार के मौके पर पहुंचने के बाद सच्चाई सामने आई। पशु चिकित्सक ने कमजोर होने के कारण तीनों गोवंश की मौत होना बताया है।
माधोटांडा के मौजा परशुरामपुर स्थित गोआश्रय स्थल पर गोवंश की मौतों ने प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। रोजाना एक-एक कर मर रहे गोवंश की घटना के बाद भी जिला मुख्यालय पर बैठे अफसरों पर कोई असर नहीं पड़ रहा। प्रशासन की मानें तो आश्रय स्थल पर हरे चारे से लेकर चोकर तक की भरपूर व्यवस्था है। नियमित इलाज हो रहा है।
बृहस्पतिवार को निरीक्षण के बाद सीवीओ ने अधिकारियों को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सिर्फ एक गोवंश बीमार होना बताया था। सीवीओ के निरीक्षण के बाद बृहस्पतिवार शाम से लेकर सोमवार तक छह और गोवंश की मौत हो गई। जबकि दस पशु निरीक्षण से पहले मर चुके थे। सोमवार सुबह जब तीन गोवंश के मरने का पता चला तो गोआश्रय स्थल के जिम्मेदारों में खलबली मच गई।
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सच्चाई को छिपाने के लिए चिकित्सक के पहुंचने से पहले ही परिसर में ही गड्ढा खोदकर दो गोवंश के शवों को दवा दिया गया। जानकारी के बाद तहसीलदार कलीनगर हेमराज बोनाल आश्रय स्थल पर पहुंचे। एक गोवंश मृत पड़ा मिला। ताजा गड्ढा देख जानकारी करने पर दो गोवंश के शवों को गड्ढा खोदकर दबाने की बात सामने आई। नांद में सूखा भूसा पड़ा मिला। कुछ देर बाद पशु चिकित्सक नुरूल हुदा मौके पर पहुंचे। तहसीलदार की सख्ती के बाद गोवंश को पौष्टिक आहार खिलाने के लिए मूंगफली के गठ्ठे मंगवाए ।
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सामने न आए सच इसलिए गेट पर लगा दिया ताला
गोआश्रय स्थल पर गोवंश की लगातार हो रही मौतों से प्रशासन कटघरे में खड़ा दिख रहा है। रविवार रात को दो और सोमवार तड़के एक गोवंश की मौत होने के बाद सुबह गोआश्रय स्थल के गेट पर ताला लगा दिया गया। केयरटेकर को मीडियाकर्मियों को रोकने के आदेश दे दिए गए। प्रशासन ने सच्चाई छिपाने के हर संभव प्रयास किए गए। लेकिन तहसीलदार के पहुंचने पर सच्चाई खुद व खुद सामने आ गई।
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वर्जन
गोआश्रय स्थल पहुंचने पर एक गोवंश मृत अवस्था में पड़ा मिला। दो गोवंश के गड्ढे में दबाने की बात सामने आई। पशु चिकित्सक को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। - हेमराज बोनाल, तहसीलदार कलीनगर
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माधोटांडा के मौजा परशुरामपुर स्थित गोआश्रय स्थल पर गोवंश की मौतों ने प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। रोजाना एक-एक कर मर रहे गोवंश की घटना के बाद भी जिला मुख्यालय पर बैठे अफसरों पर कोई असर नहीं पड़ रहा। प्रशासन की मानें तो आश्रय स्थल पर हरे चारे से लेकर चोकर तक की भरपूर व्यवस्था है। नियमित इलाज हो रहा है।
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बृहस्पतिवार को निरीक्षण के बाद सीवीओ ने अधिकारियों को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सिर्फ एक गोवंश बीमार होना बताया था। सीवीओ के निरीक्षण के बाद बृहस्पतिवार शाम से लेकर सोमवार तक छह और गोवंश की मौत हो गई। जबकि दस पशु निरीक्षण से पहले मर चुके थे। सोमवार सुबह जब तीन गोवंश के मरने का पता चला तो गोआश्रय स्थल के जिम्मेदारों में खलबली मच गई।
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सच्चाई को छिपाने के लिए चिकित्सक के पहुंचने से पहले ही परिसर में ही गड्ढा खोदकर दो गोवंश के शवों को दवा दिया गया। जानकारी के बाद तहसीलदार कलीनगर हेमराज बोनाल आश्रय स्थल पर पहुंचे। एक गोवंश मृत पड़ा मिला। ताजा गड्ढा देख जानकारी करने पर दो गोवंश के शवों को गड्ढा खोदकर दबाने की बात सामने आई। नांद में सूखा भूसा पड़ा मिला। कुछ देर बाद पशु चिकित्सक नुरूल हुदा मौके पर पहुंचे। तहसीलदार की सख्ती के बाद गोवंश को पौष्टिक आहार खिलाने के लिए मूंगफली के गठ्ठे मंगवाए ।
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सामने न आए सच इसलिए गेट पर लगा दिया ताला
गोआश्रय स्थल पर गोवंश की लगातार हो रही मौतों से प्रशासन कटघरे में खड़ा दिख रहा है। रविवार रात को दो और सोमवार तड़के एक गोवंश की मौत होने के बाद सुबह गोआश्रय स्थल के गेट पर ताला लगा दिया गया। केयरटेकर को मीडियाकर्मियों को रोकने के आदेश दे दिए गए। प्रशासन ने सच्चाई छिपाने के हर संभव प्रयास किए गए। लेकिन तहसीलदार के पहुंचने पर सच्चाई खुद व खुद सामने आ गई।
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वर्जन
गोआश्रय स्थल पहुंचने पर एक गोवंश मृत अवस्था में पड़ा मिला। दो गोवंश के गड्ढे में दबाने की बात सामने आई। पशु चिकित्सक को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। - हेमराज बोनाल, तहसीलदार कलीनगर