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Pilibhit News: तीन मासूमों के सिर से उठा पिता का साया, मां का इलाज जारी
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जहानाबाद। पीलीभीत- जहानाबाद मार्ग पर बृहस्पतिवार की शाम हुए सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की दुनिया पलभर में उजाड़ दी। कार की टक्कर से ओमकार की मौत और पत्नी बबली जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। हादसे के बाद उनके तीनों मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
मीरापुर निवासी कुंवरपाल सिंह के अनुसार, ओमकार अपने पीछे 13 वर्षीय बेटी सुहानी, आठ वर्षीय बेटी अनन्या और महज डेढ़ साल के बेटे मुन्ना को छोड़ गए हैं। परिजनों ने बताया कि घर से निकलते समय ओमकार अपने डेढ़ साल के पुत्र मुन्ना को परिवार के पास छोड़कर पत्नी के साथ पीलीभीत के लिए रवाना हुए थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पिता की मौत की खबर से मासूम बच्चों के आंसू देख हर आंखें नम दिखीं। परिजनों के अनुसार, ओमकार दो भाइयों में बड़े थे और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। इधर, गंभीर रूप से घायल पत्नी का इलाज जारी है। हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ मॉर्चरी में जुटी रही। संवाद
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मीरापुर निवासी कुंवरपाल सिंह के अनुसार, ओमकार अपने पीछे 13 वर्षीय बेटी सुहानी, आठ वर्षीय बेटी अनन्या और महज डेढ़ साल के बेटे मुन्ना को छोड़ गए हैं। परिजनों ने बताया कि घर से निकलते समय ओमकार अपने डेढ़ साल के पुत्र मुन्ना को परिवार के पास छोड़कर पत्नी के साथ पीलीभीत के लिए रवाना हुए थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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पिता की मौत की खबर से मासूम बच्चों के आंसू देख हर आंखें नम दिखीं। परिजनों के अनुसार, ओमकार दो भाइयों में बड़े थे और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। इधर, गंभीर रूप से घायल पत्नी का इलाज जारी है। हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ मॉर्चरी में जुटी रही। संवाद
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