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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Three days later, Bank of Baroda in cash on arrival drew crowds

तीन दिन बाद कैश आने पर उमड़ी बड़ौदा बैंक में भीड़ 

Tue, 22 Nov 2016 10:51 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Tue, 22 Nov 2016 10:51 PM IST
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Three days later, Bank of Baroda in cash on arrival drew crowds
तीन दिन बाद कैश आने पर उमड़ी बड़ौदा बैंक में भीड़  - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
पिछले दिन से रुपये निकालने को लेकर परेशान हो रहे लोगों के लिए मंगलवार का दिन काफी हद तक मंगलकारी रहा। तीन दिन बाद बैंक आफ बड़ौदा की शाखाओं में कैश पहुंचने पर खाताधारकों को राहत मिली। वहीं अन्य बैंकों में भी कामकाज सामान्य रहा। कतार में लगकर लोगों ने रुपये निकाले। भीड़ की वजह से मारा-मारी जरुर रही। 
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शनिवार, रविवार और सोमवार को अधिकांश बैंकों में कैश की किल्लत रही थी। जिससे लोगों के सामने संकट की स्थिति बनी हुई थी। सुबह से ही लोग बैंकों के बाहर पहुंचना शुरु हो गए। रोजाना की तरह लंबी लंबी कतारें लग गई। जिसके बाद सबसे अधिक राहत बैंक आफ बड़ौदा के उपभोक्ताओं के चेहरों पर देखने को मिली। तीन दिन बाद कैश होने पर लोगों को घरेलू जरुरतें पुरी करने के लिए घंटों इंतजार के बाद ही सही लेकिन कैश मिल सका। पंद्रह से बीस हजार रुपये तक लोगों को दिए गए। जिससे सभी ने राहत महसूस की। एसबीआई बैंक में पिछले दिनों की तुलना में भीड़ सामान्य रही। इसके अलावा प्राइवेट बैंकों के बाहर भी लोग कतार लगाए खड़े रहे। दोपहर बाद बैंकों के बाहर लगी कतारों की स्थिति भी कम होती दिखाई दी। इस दौरान पुलिस महकमा अलर्ट रहा। शहर कोतवाल इंद्र सिंह, सुनगढ़ी कोतवाल योगेंद्र पाल शर्मा समय समय पर पुलिस बल के साथ राउंड लेकर व्यवस्थाएं बनाने में जुटे रहे। 
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कतार के आगे कम पड़ रहा एटीएम का कैश 
बैंकों में भले ही कैश की स्थिति सुधरने पर हालात सामान्य रहे हों। लेकिन एटीएम के बाहर हालात पहले से अधिक बदतर रहे। सुबह पहले तो कैश लोड न होने के कारण एटीएम के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। इसके बाद कैश लोड होते ही लंबी कतारें लग गई। लोगों ने घंटों इंतजार करने के बाद कैश निकाला। लेकिन कई लोग ऐसे भी रहे जिनका नंबर करीब आते ही एटीएम खाली पड़ गए और निराश लौटना पड़ा। इसके बाद दिनभर कैश नहंी मिल सका। 
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सीनियर सिटीजन को लेकर कोई बंदोबश्त नहीं 
बैंक ों में कतार में लगकर रुपये निकालने के लिए सबसे अधिक परेशानी सीनियर सिटीजन (बुजुर्गों) को हो रही है। कतार में लगकर घंटों  खड़ रहकर हांफ रहे है। कहीं कोई बुजुर्गो की अगल से लाइन तक नहीं लगवाई जा रही है। जिससे उनको राहत मिल सके। 
बैंक के कर्मचारी ही करा रहे नोट बदली में खेल!
पीलीभीत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा करने के बाद से ही बंद किए गए बड़े नोटों को कम दर पर खरीदने और कमीशन पर बदली करने के आरोप लगते आ रहे है। हर बार प्रशासन अभिज्ञनता जताकर शिकायत सामने न आने की बात कहकर साख बचाने में जुटा रहा। लेकिन अब जहानाबाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने आगे आकर लिखित शिकायत डीएम से की है। जिसमें एक बैंक के छोटे कर्मचारियों पर नोटबदली का खेल करने का आरोप लगाया है। डीएम को दिए पत्र में कहा है कि क्षेत्र की एक बैंक के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रुपये निकालने और जमा करने आए लोगों से कमीशन मांगते है। जो व्यक्ति उनके कहे अनुसार प्रतिशत पर राजी होता है, उनको कैश मुहैया करा दिया जाता है। वरना सभी को कैश न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में गंभीरता से कदम उठाने की मांग की है। शिकायत करने वालों में ऐमी गांव के जसविंदर सिंह, महेंद्र पाल, नूर मोहम्मद, यशपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, अमेंद्र सिंह, जयवीर सिंह आदि है। 
शादी वाले परिवार को भी नहीं मिला रुपया 
निर्देश हैं कि शादी के कार्ड दिखाकर रुपये आसानी से मिल जाएंगे। लेकिन ऐमी गांव के एक परिवार को शादी का कार्ड दिखाने के बाद भी रकम नहंी मिल सकी। गांव के निवासी नूर मोहम्मद ने बताया कि उनके यहां चार दिसंबर को शादी है। इसके लिए तैयारियां जोरशोर से चल रही है। चार से लगातार बैंक जा रहे है, लेकिन कैश न होने की बात कहकर उनको लौटा दिया जा रहा है। जिससे काफी दिक्कत हो रही है। आरोप है कि शाखा प्रबंधक से शिकायत पंजिका में पीड़ित ने शिकायत दर्ज करने को कहा तो प्रबंधक ने पंजिका खोने का बहाना बनाकर टाल दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत डीएम से की है। 

पांच हजार के सिक्के, तो किसी को दो हजार का नोट 
बीसलपुर। रुपये निकालने आए लोगों को मंगलवार को सिर्फ बैंकों से ही राहत मिल सकी। एटीएम शोपीस बनकर रह गए। कई दिनों से टोकन लेकर घूम रहे बैंक आफ बड़ौदा के उपभोक्ताओं को आखिरकार नकदी मिल सकी। अन्य बैंकों में भी धीमी गति से रुपये निकाले गए। एक दिक्कत लोगों के सामने रही जिसको लेकर विरोध भी हुआ। किसी को पांच हजार के चेक पर दस के सिक्के  दिए गए तो किसी को दो हजार के नोट। ऐसे में दोनोंव् ही स्थितियों में लोग परेशान रहे। बैंक मैनेजर सुरेश चंद्रा ने बताया कि थैले में पांच हजार के सिक्के होने के कारण खोलकर ग्राहकों को देने में दिक्कत होती है। खुले कैश की दिक्कत होने के कारण दो हजार नोट दिया जा रहा है। बीओबी के अलावा स्टेट बैंक में अधिक भीड़ रही। एटीएम कई दिनों की तरह चंद घंटे काम कर ठप पड़ गए। एसडीएम बीपी सिंह ने बताया कि समस्त बैंकों को एटीएम और लेनदेन जारी रखने के लिए कहा गया है। 
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