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भूख और इलाज के अभाव में ही हुई थी तीन गोवंश की मौत
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पीलीभीत। देवीपुरा गोशाला में तीन गोवंशीय पशुओं की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद खाने और इलाज के पर्याप्त इंतजाम न होने की बात भी सामने आई है। एक की मौत एक्सीडेंट में लगी चोट से हुई। वहीं दूसरे के पेट में सिर्फ पानी भरा निकला। तीसरे की मौत पॉलिथीन जमा होने पर दम घुटने से बताई गई है। हालांकि पशु पालन विभाग के अधिकारी भूख और इलाज के अभाव की बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी नकार रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा जनपद मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर स्थापित कराई गई देवीपुरा गोशाला में मंगलवार रात तीन गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई थी। उनके शव गोशाला की इमरजेंसी में जिंदा पशुओं के बीच मेें ही पड़े मिले थे। दुर्गंध से शव कई दिन पुराने प्रतीत हो रहे थे।
स्थानीय कर्मचारियों ने भरपेट भोजन और पर्याप्त इलाज न होने को पशुओं की मौत की अहम वजह बताया था। मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा तो कार्रवाई में तेजी आई थी। पशु चिकित्सक को गोशाला भेजकर तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद अफसर भले ही भूख और इलाज के अभाव की बात से इनकार करें, मगर इशारा इसी तरफ है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक पशु की मौत दम घुटने से हुई। उसके पेट में पॉलिथीन का गुच्छा भी मिला है। पशु चिकित्सकों का तर्क है कि इस वजह से पशु सांस नहीं ले पा रहा था। दूसरे पशु की मौत पूर्व में एक्सीडेंट के दौरान आई रीढ़ में चोट से होना बताई गई है। उसके पेट में चारा मिलने का भी दावा किया गया है। मगर चोट की वजह से मौत होने से इलाज के इंतजाम पर सवाल जरूर उठ गए हैं। तीसरे पशु के पेट में सिर्फ पानी भरा मिला है। इससे भरपेट खाना मिलने की बात पर सवाल उठ गए हैं। हालांकि पशु पालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लिवर खराब हो चुका था, इस वजह से पशु चारा-भूसा नहीं खा पा रहा होगा। इसी को पेट में चारा न मिलने की वजह बताकर बचाव किया जाता रहा।
सीवीओ और बीडीओ दूसरे दिन पहुंचे
गोशाला, कराया भूसे का इंतजाम
- निरीक्षण में 11 गोवंशीय पशु मिले बीमार, फिर इलाज के किए इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। देवीपुरा गोशाला में पशुओं के खाने को भूसे का स्टॉक खत्म हो गया था। इसके अलावा अन्य पशु बीमार थे, जिन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा था। कर्मचारियों के वेतन की भी दिक्कत बनी हुई थी। मामला संज्ञान में आने पर डीएम पुलकित खरे ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। बजट की दिक्कत को दूर करने के लिए डीपीआरओ को संबंधित ग्राम पंचायत के खाते में जमा धनराशि का ब्योरा मांगा है। वहीं जरूरत पड़ने पर शासन से बजट लेने की बात भी कही है।
डीएम ने सख्ती दिखाई तो अफसरों को अपनी गर्दन पर तलवार लटकती दिखाई देने लगी। दूसरे दिन बृहस्पतिवार को सुबह से ही सीवीओ डॉ. एके गर्ग पशुपालन विभाग की टीम लेकर पहुंच गए। बीडीओ मरौरी भी टीम के साथ आ गए। सर्वप्रथम भूसा भरवाया गया। हालांकि पशुओं की संख्या को देखते हुए यह तीन दिन से अधिक चलने लायक नहीं है। इसके अलावा पशुओं की जांच कराई गई। इसमें बीमार पशुओं की संख्या नौ से बढ़कर 11 हो गई। सीवीओ ने अपनी मौजूदगी में बीमार पशुओं का इलाज कराया। सभी को दवा लगाई गई। भूसे के साथ ही हरे चारे की भी व्यवस्था की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक पशु के एक्सीडेंट में आई चोट, दूसरे की लिवर खराब होने और तीसरे की पॉलिथीन का गुच्छा पेट में मिलने से मौत होना स्पष्ट हुआ है। इसे भूख और इलाज के अभाव में मरना नहीं कहा जा सकता। 11 बीमार पशुओं का इलाज कराया गया है। खाने के भी इंतजाम किए गए हैं।
- डॉ. एके गर्ग, सीवीओ
गोशालाओं में रखे गए पशुओं के खाने और इलाज में किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो शासन से भी बजट मांगा जाएगा। सीवीओ और बीडीओ को भेजकर इंतजाम कराए गए हैं। गोवंश संरक्षण को गंभीरता से लिया जाएगा। लापरवाही करने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।
- पुलकित खरे, डीएम
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पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा जनपद मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर स्थापित कराई गई देवीपुरा गोशाला में मंगलवार रात तीन गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई थी। उनके शव गोशाला की इमरजेंसी में जिंदा पशुओं के बीच मेें ही पड़े मिले थे। दुर्गंध से शव कई दिन पुराने प्रतीत हो रहे थे।
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स्थानीय कर्मचारियों ने भरपेट भोजन और पर्याप्त इलाज न होने को पशुओं की मौत की अहम वजह बताया था। मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा तो कार्रवाई में तेजी आई थी। पशु चिकित्सक को गोशाला भेजकर तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद अफसर भले ही भूख और इलाज के अभाव की बात से इनकार करें, मगर इशारा इसी तरफ है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक पशु की मौत दम घुटने से हुई। उसके पेट में पॉलिथीन का गुच्छा भी मिला है। पशु चिकित्सकों का तर्क है कि इस वजह से पशु सांस नहीं ले पा रहा था। दूसरे पशु की मौत पूर्व में एक्सीडेंट के दौरान आई रीढ़ में चोट से होना बताई गई है। उसके पेट में चारा मिलने का भी दावा किया गया है। मगर चोट की वजह से मौत होने से इलाज के इंतजाम पर सवाल जरूर उठ गए हैं। तीसरे पशु के पेट में सिर्फ पानी भरा मिला है। इससे भरपेट खाना मिलने की बात पर सवाल उठ गए हैं। हालांकि पशु पालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लिवर खराब हो चुका था, इस वजह से पशु चारा-भूसा नहीं खा पा रहा होगा। इसी को पेट में चारा न मिलने की वजह बताकर बचाव किया जाता रहा।
सीवीओ और बीडीओ दूसरे दिन पहुंचे
गोशाला, कराया भूसे का इंतजाम
- निरीक्षण में 11 गोवंशीय पशु मिले बीमार, फिर इलाज के किए इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। देवीपुरा गोशाला में पशुओं के खाने को भूसे का स्टॉक खत्म हो गया था। इसके अलावा अन्य पशु बीमार थे, जिन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा था। कर्मचारियों के वेतन की भी दिक्कत बनी हुई थी। मामला संज्ञान में आने पर डीएम पुलकित खरे ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। बजट की दिक्कत को दूर करने के लिए डीपीआरओ को संबंधित ग्राम पंचायत के खाते में जमा धनराशि का ब्योरा मांगा है। वहीं जरूरत पड़ने पर शासन से बजट लेने की बात भी कही है।
डीएम ने सख्ती दिखाई तो अफसरों को अपनी गर्दन पर तलवार लटकती दिखाई देने लगी। दूसरे दिन बृहस्पतिवार को सुबह से ही सीवीओ डॉ. एके गर्ग पशुपालन विभाग की टीम लेकर पहुंच गए। बीडीओ मरौरी भी टीम के साथ आ गए। सर्वप्रथम भूसा भरवाया गया। हालांकि पशुओं की संख्या को देखते हुए यह तीन दिन से अधिक चलने लायक नहीं है। इसके अलावा पशुओं की जांच कराई गई। इसमें बीमार पशुओं की संख्या नौ से बढ़कर 11 हो गई। सीवीओ ने अपनी मौजूदगी में बीमार पशुओं का इलाज कराया। सभी को दवा लगाई गई। भूसे के साथ ही हरे चारे की भी व्यवस्था की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक पशु के एक्सीडेंट में आई चोट, दूसरे की लिवर खराब होने और तीसरे की पॉलिथीन का गुच्छा पेट में मिलने से मौत होना स्पष्ट हुआ है। इसे भूख और इलाज के अभाव में मरना नहीं कहा जा सकता। 11 बीमार पशुओं का इलाज कराया गया है। खाने के भी इंतजाम किए गए हैं।
- डॉ. एके गर्ग, सीवीओ
गोशालाओं में रखे गए पशुओं के खाने और इलाज में किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो शासन से भी बजट मांगा जाएगा। सीवीओ और बीडीओ को भेजकर इंतजाम कराए गए हैं। गोवंश संरक्षण को गंभीरता से लिया जाएगा। लापरवाही करने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।
- पुलकित खरे, डीएम