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पानी भरे गड्ढे में डूबकर तीन बालकों की मौत

Sun, 13 Nov 2022 11:45 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Nov 2022 11:45 PM IST
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Three children died by drowning in a pit filled with water
इसी गड्ढे में डूबने से हुई तीनों बालकों की मौत।
सेहरामऊ उत्तरी के पटिहन गांव में रविवार की दोपहर हुआ हादसा
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ईंट-भट्ठे के लिए खोदी गई मिट्टी के बाद हुए गड्ढों में भरा था पानी
पूरनपुर (पीलीभीत)। सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव पटिहन के पास पानी भरे गड्ढे में डूबकर स्वप्निल (8), सचिन (9) और लोकेंद्र (8) की मौत हो गई। रविवार में स्कूल की छुट्टी के चलते तीनों घर से खेलने निकले थे।
स्वप्निल पुत्र विपिन कक्षा दो, सचिन पुत्र अवनीश कक्षा पांच और लोकेंद्र पुत्र श्रीदेव यूकेजी में पढ़ता था। रविवार को अवकाश होने पर सचिन अपनी बहन काजल और दोनों दोस्तों के साथ गांव के बाहर खेलने चला गया था। गांव से तीन सौ मीटर दूर उत्तर पश्चिम दिशा में ईंटभट्ठा है। यहां पास के खेेतों से मिट्टी निकाल ली गई है। खेतों में गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरा हुआ है। इन खेतों ने छोटे तालाबों का रूप ले लिया है।
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रविवार की दोपहर साढ़े बारह बजे सभी बच्चे यहां पास में खेल रहे थे। इसी दौरान तीन बच्चे तालाब में डूब गए जबकि काजल बाहर थी। भाई समेत तीनों को पानी में डूबते देख काजल दौड़कर घर पर गई और परिजन को बताया। पता चलते ही गांव वाले मौके की तरफ दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने गड्ढे से बच्चों को निकाला। तीनों को जोगराजपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया। यहां चिकित्सक ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर एसओ सेहरामऊ उत्तरी कमलेश मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस पंचनामा भरकर शवों का पोस्टमार्टम कराने की बात कह रही थी। परिजन ने तीनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।

बच्चों की मौत से शोक में डूबा गांव
पूरनपुर। गांव में तीन बच्चों की एक साथ मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है। तीनों ग्रामीणों के पुत्रियां तो हैं, लेकिन बेटे एक-एक ही थे। स्वप्निल और सचिन के घर गांव में आमने-सामने। लोकेंद्र का कुछ दूरी पर है।

एसओ कमलेश मिश्रा ने बताया कि गांव के आसपास के तालाबों में सिंघाड़ा की फसल डाली गई है। तीनों बच्चे पानी से भरे गड्ढे में गुजरिया (कमल का फूल) निकालने गए थे। मगर जिस पानी के गड्ढे में तीनों बालक डूबे, उसमें न तो गुजरिया है और न ही सिंघाड़ा। स्वप्निल के पिता विपिन कुछ दिन पहले ही मजदूरी करने हरियाणा गए हैं। सचिन के पिता अवनीश भी रविवार को मजदूरी करने घर से बाहर गए थे। संवाद
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