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Pilibhit News: तीन सगे हमलावर भाइयों को छह-छह माह कैद

Sun, 23 Aug 2026 01:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:44 AM IST
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Three brothers who carried out an attack sentenced to six months in prison each.
यूपी फर्स्ट अफेंडर एक्ट के तहत सजा स्थगित, 25-25 हजार के निजी मुचलकों पर पांच माह की परीवीक्षा में बनाए रखना होगा शांति व सदाचार
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पीलीभीत। घर में घुस कर महिला को तमंचे से फायर कर घायल करने के आरोपी तीन सगे भाइयों को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन शहनवाज अहमद सिद्दीकी ने छह-छह माह कैद की सजा सुनाई। यूपी फर्स्ट अफेंडर एक्ट के तहत आरोपियों की सजा को स्थगित करते हुए 25-25 हजार रुपये के निजी बंधपत्र प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करते हुए पांच माह तक सदाचार और शांति कायम रखने का आदेश दिया।
अभियोजन के मुताबिक, सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिरसा निवासी हरिओम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह नौ अप्रैल 2004 को रात नौ बजे अपनी पत्नी नन्हीं देवी के साथ छत पर लेटा था। तभी उसके गांव के धनीराम, मंगली व चोखेलाल पुत्रगण अंगनलाल छत पर चढ़ आए। उनसे आने का कारण पूछने पर धनीराम ने तमंचे से फायर कर दिया, जोकि नन्हीं देवी के पांव पर गट्टे में लगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया। संवाद
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चेक बाउंस मामले के दोषी को एक साल कैद, 18 लाख जुर्माना
पीलीभीत। जमीन के सौदे में दिए गए 20 लाख रुपये का चेक बाउंस होने पर दर्ज परिवाद की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सिविल जज (अवर खंड) त्वरित न्यायालय/न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्कर्ष सिंह ने 18 लाख रुपये जुर्माने सहित एक साल की सजा से दंडित किया।
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अभियोजन के मुताबिक, सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मो. वासिल निवासी महमूद मियां ने दर्ज कराए परिवाद में बताया कि वह प्लाॅटिंग का काम करता है। वर्ष 2015 में उसकी मुलाकात शहर के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी अब्दुल रफीक उर्फ गुड्डू से हुई। अब्दुल रफीक ने उसके साथ एक जमीन का सौदा किया। उसने तीन किस्तों में 20 लाख रुपये का नकद भुगतान अब्दुल रफीक को दिया।

किसी मामले में विपक्षी रफीक जेल चला गया और उसे जमीन नहीं मिल पाई। आरोपी के जेल से आने के बाद उससे कहा कि वह या तो जमीन का सौदा पूरा करे या उसके 20 लाख रुपए लौटाए। इस पर आरोपी ने उसे 9.60 लाख रुपए का एक चेक दे दिया और बाकी रकम बाद में देने को कहा। उसने नीयत तिथि पर भुगतान के लिए चेक अपने खाते में जमा किया, तब बैंक के माध्यम से पता चला कि उसने पूर्व में बंद हो चुके खाते का चेक दिया गया था। इस कारण चेक बाउंस हो गया। तब आरोपी को अधिवक्ता के माध्यम से विधिक नोटिस दिया गया। इस पर आरोपी ने चेक की रकम उसे लौटा दी। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। संवाद
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जमा रकम और मुनाफा न लौटाने की आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
पीलीभीत। तिमाही किस्त जमा कर आठ साल में धन दोगुना करने का लालच देकर जमा कराई गई रकम समय पूरा होने के बाद भी वापस नहीं की। दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
सदर कोतवाली में प्रवीण कुमार ने तहरीर देकर बताया कि उसने शहर के नकटादाना स्थित आईसीएल ग्रुप की कंपनी इमेज कैरियर लिमिटेड में 12 सितंबर 2013 को खाता खुलवाया था। उसे बताया गया था कि आठ साल तक 2940 रुपये तिमाही जमा करने पर कंपनी उसे मेच्योरिटी तिथि 12 सितंबर 2021 को 1.92 लाख रुपये देगी। समय पूरा होने पर जमा रकम वापस लेने के लिए उसने आवश्यक दस्तावेज कंपनी कार्यालय में जमा कर दिए। उसे कुछ दिन में भुगतान होने का आश्वासन दिया गया, मगर कई चक्कर लगाने के बाद भी उसे भुगतान नहीं किया गया।
उसने कंपनी के बरेली स्थित कार्यालय जाकर चेयरमैन रूपकिशोर गोला, निदेशक जेके गुप्ता, अवधेश कुमार गोला व दिनेश कुमार से मुलाकात कर भुगतान करने को कहा, मगर उसे संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरु कर दी। इधर, बरेली के थाना सुभाषनगर के बीडीए कालोनी करगैना निवासी संजीव कुमार पुत्र जंग बहादुर सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता ने अपर सत्र न्यायालय में इस प्रकरण में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर बताया कि वह कभी भी इस कंपनी का कर्मचारी नहीं रहा। विवेचना के दौरान एक सह अभियुक्त के मौखिक बयान पर उसे अभियुक्त बनाया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका निरस्त
पीलीभीत। युवती के अश्लील फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म करने और रुपये ऐंठने के मामले में आरोपी की नियमित जमानत याचिका जनपद सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार ने सुनवाई के बाद निरस्त कर दी।

अभियोजन कथानक के अनुसार थाना बरखेड़ा क्षेत्र की वादनी/पीड़िता ने थाना बरखेड़ा मे तहरीर देकर कहा कि दो वर्ष पूर्व थाना दातागंज बदायूं के ग्राम दहला नगला का ज्ञान सिंह उसके गांव में टंकी का काम करने आया था। इस दौरान आरोपी उसके पति के साथ उसके घर आने जाने लगा। एक दिन आरोपी ने पीड़िता के कपड़े बदलते समय की फोटो ले ली और फिर फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए और उसने अपने मोबाइल में अश्लील फोटो व वीडियो ले लिए। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक लाख बीस हजार रुपये भी ले लिए। अब फिर फोन करके एक लाख रुपए मांग रहा है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता के न्यायालय में बयान दर्ज कराए। आरोपित ज्ञान सिंह की ओर से जिला सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार के न्यायालय मे नियमित जमानत याचिका दाखिल की गई। संवाद
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