एक मैसेज ने उड़ाई पूर्व मंत्री की नींद: लिखा 'आई किल यू', एसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कही ये बात
पीलीभीत में सपा सपा सरकार के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के पास अज्ञात व्यक्ति ने धमकी भरा मैसेज भेजा है। जिसमें उसने आई किल यू लिखा है। उन्होंने मामले को लेकर एसपी से शिकायत कर खुद की जान का खतरा बताया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत में सपा के कद्दावर नेता और पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा को अज्ञात व्यक्ति ने 'आई किल यू' लिखकर मोबाइल फोन पर मैसेज भेजा है। पूर्व मंत्री ने खुद की जान को खतरा बताते हुए एसपी से मामले की शिकायत की है।
पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र के गांव टाह निवासी सपा के कद्दावर नेता और अखिलेश यादव की सरकार में राज्यमंत्री रहे हेमराज वर्मा ने एसपी को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 19 अप्रैल को दोपहर एक बजकर तीन मिनट पर अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर मैसेज भेजा। इसमें आई किल यू लिखा हुआ था। इससे उनके लिए जान का खतरा बन गया है। वह 2007 में पीलीभीत से विधानसभा व 2012, 2017 और 2022 में बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं।
वर्ष 2019 में पीलीभीत सीट से लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। यह मैसेज उनके जीवन को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से भेजा गया है। पत्र में मोबाइल नंबर की जांच कराने और मैसेज भेजने वाले आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। एसपी को अवगत कराए जाने के बाद सीओ ने जांच शुरू की है।
प्रार्थना पत्र में की यह मांग
पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का कहना है कि मेरे शस्त्र लाइसेंस किसान आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन ने निलंबित करके थाने में जमा कराए हैं। मेरे पास कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं है। यह मामला अति गंभीर है। जिस नंबर से मैसेज आया था। उसके बारे में एसपी को व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजकर अवगत कराया है। मैंने कॉल की थी पर बात नहीं हो सकी। हालांकि कॉल किए जाने के बाद मेरे पास सीओ का फोन आया था। सीओ ने पूछा था कि किससे दुश्मनी है। मैंने यही कहा है कि राजनीतिक व्यक्ति के समर्थक और विरोधी दोनों होते हैं। ऐसे में पुलिस सही अपराधी को ट्रेस करे।
एसपी ने दिए जांच के आदेश
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी का कहना है कि मैंने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।