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Pilibhit News: जाल फेंसिंग में भी खेल...पैमाइश में पकड़ा घपला

Sun, 02 Jun 2024 03:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2024 03:02 AM IST
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There was fraud in net fencing as well, fraud was caught in measurement
जाल फेंसिंग कार्य के लिए खुदाई करती जेसीबी मशीन । स्रोत - किसान नेता
कलीनगर। वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए कराई जा रही जाल फेंसिंग में घपला पकड़ में आया है। एक शिकायत पर जब डीएफओ मनीष सिंह ने जांच कराई तो एक किलोमीटर के स्थान पर सिर्फ 930 मीटर क्षेत्र में ही कार्य निकला। ऐसे में उन्होंने शेष 70 मीटर में भी कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। इस पर शेष स्थान पर खोदाई शुरू कर दी गई है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला और महोफ रेंज से सटे इलाके में वर्ष 2023 में बाघ के हमलों की ताबड़तोड़ घटनाएं हुईं थी। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पीटीआर की ओर से जाल फेंसिंग के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था।
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इस पर शासन ने सात किलोमीटर क्षेत्र के लिए सात करोड़ रुपये का बजट जारी किया। पूर्व में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद माला और महोफ रेंज के संवेदनशील इलाकों में कार्य शुरू कराया गया। जिसमें पुरैनी दीपनगर का क्षेत्र भी शामिल रहा लेकिन कार्य में लापरवाही बरतने के क्षेत्रीय किसानों ने आरोप लगाए। किसान नेता गुरदीप सिंह गोगी ने बताया कि पुरैनी गांव की सीमा में एक किलोमीटर दायरे में जाल फेंसिंग का कार्य होना था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने 930 मीटर में ही कार्य कराया।
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शिकायत के बावजूद क्षेत्रीय वनकर्मी इसको नकारते रहे, शनिवार को डीएफओ के निर्देश पर पीटीआर के सर्वेयर मौके पर पहुंचे। पैमाइश के बाद 70 मीटर दायरे में जाल फेंसिंग कम पाई गई।

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लाखों रुपये ठिकाने लगाने की तैयारी में थे वन कर्मी
जंगल क्षेत्र के सात किमी क्षेत्र में सात करोड़ रुपये से कार्य कराया जाना है, फिलहाल एक किमी क्षेत्र के 70 मीटर क्षेत्र में घपला सामने आया है। यह एक बढ़े गोलमाल की ओर इशारा है। समझा जा सकता है कि वन कर्मी लाखों रुपये ठिकाने लगाने की तैयारी में थे, पर समय रहते घपले पकड़ा गया। अब इस मामले में क्या कारवाई होती है इसका सबको इंतजार है।
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