{"_id":"6acbe678adc2a8316e046a76","slug":"the-eyes-of-the-audience-were-filled-with-tears-pilibhit-news-c-121-1-bdn1036-170824-2026-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: राम वनगमन लीला देख दर्शकों की भर आई आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: राम वनगमन लीला देख दर्शकों की भर आई आंखें
Mon, 12 Oct 2026 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। शहर में रविवार को स्थानीय परमठ मंदिर पर श्री राम वनगमन लीला का सजीव मंचन किया गया। लीला को देखने के लिए घन्नई तालाब पर सैकड़ों भक्तगण उपस्थित थे। मंचन देख सभी भक्त भाव विह्वल हो उठे।
लीला में दिखाया गया कि एक ओर राम के राज्याभिषेक के लिए दशरथ ने कुलगुरु वशिष्ठ से विचार-विमर्श किया तो दूसरी ओर मंथरा ने कैकेई को कुटिल नीति समझाकर बहकाना और राम को बनवास दिलाने की लीला हुई। प्रभु राम, लक्ष्मण और सीता जब वनवासी वस्त्र पहनकर वन को प्रस्थान करते हैं तो दर्शकों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने घन्नई तालाब पर केवट की सहायता से नाव पार की। इसके बाद पैदल यात्रा करते हुए चित्रकूट पर विश्राम किया। लीला का संचालन संजय पांडेय ने किया। रामायणी निशांत तिवारी और अंकुर मिश्रा ने रामचरितमानस चौपाइयों का गायन किया। संवाद
विज्ञापन
लीला में दिखाया गया कि एक ओर राम के राज्याभिषेक के लिए दशरथ ने कुलगुरु वशिष्ठ से विचार-विमर्श किया तो दूसरी ओर मंथरा ने कैकेई को कुटिल नीति समझाकर बहकाना और राम को बनवास दिलाने की लीला हुई। प्रभु राम, लक्ष्मण और सीता जब वनवासी वस्त्र पहनकर वन को प्रस्थान करते हैं तो दर्शकों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने घन्नई तालाब पर केवट की सहायता से नाव पार की। इसके बाद पैदल यात्रा करते हुए चित्रकूट पर विश्राम किया। लीला का संचालन संजय पांडेय ने किया। रामायणी निशांत तिवारी और अंकुर मिश्रा ने रामचरितमानस चौपाइयों का गायन किया। संवाद
विज्ञापन