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Pilibhit News: एक साल से नहीं हैं सेफ्टी किट... जोखिम में है बिजलीकर्मियों की जान

Tue, 04 Jul 2023 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Tue, 04 Jul 2023 12:09 AM IST
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There is no safety kit for one year, the lives of electricians are at risk
शहर में बिना सुरक्षा किट के काम करता कर्मचारी।
पीलीभीत। बिजलीकर्मियों की सुरक्षा के प्रति ऊर्जा निगम कतई गंभीर नहीं है। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन एक साल से यहां सेफ्टी किट नहीं हैं। फॉल्ट ठीक करने के दौरान लाइनमैन और कर्मचारियों की सुरक्षा का कोई इंतजाम ही नहीं है। दिन हो या रात कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं। कई बार कर्मचारी घायल भी हो चुके हैं।
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बिजली विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। कर्मचारी एक वर्ष से अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। कई बार अधिकारियों से सुरक्षा किट देने की मांग की गई, लेकिन कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा सकी है। इससे कर्मचारियों को हर समय जान का खतरा बना रहता है।
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पावर कॉरपोरेशन में बिजली अनुरक्षण का कार्य करने वाले आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मचारियों को सुरक्षा किट देने का प्रावधान है। सुरक्षा किट में दस्ताने, प्लायर, सुरक्षा बेल्ट आदि होती है, ताकि पोल पर चढ़ने वाले कर्मचारियों को किसी प्रकार का जोखिम न हो। उसके बाद भी विभाग द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। कर्मचारी यूनियन कई बार अधिकारियों से सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की मांग कर चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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केस नंबर-एक
बीसलपुर देहात में काम करने वाले संतोष कुमार 14 जून को फॉल्ट ठीक करने के लिए पोल पर चढ़े थे। सेफ्टी किट न होने की वजह से वह पोल से गिर गए। इससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनका एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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केस नंबर-दो
बीसलपुर के ही ईंटगांव के अखिलेख बिजली लाइन की खराबी ठीक करने गए थे। खंभे पर चढ़कर जब वह फॉल्ट ठीक कर रहे थे तभी नीचे गिर गए। उनके पैर में गंभीर चोट आई। उनका इलाज बरेली के निजी अस्पताल में चल रहा है। अखिलेश का कहना है कि अगर सेफ्टी बेल्ट होती तो वह नहीं गिरते।
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केस नंबर-तीन
न्यूरिया क्षेत्र में काम करने वाले लाइनमैन श्यामाचरन पोल पर चढ़े थे। इसी दौरान पैर फिसलने से वह पोल से गिर गए। उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनका भी उपचार शहर के निजी अस्पताल में किया जा रहा है।
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ये उपकरण मिलने चाहिए
बिजली विभाग के कर्मचारियों को 18 प्रकार के सुरक्षा उपकरण दिए जाने का प्रावधान है। इसमें हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, अर्थ चेन, कटिंग प्लायर, ग्लब्स, सीढ़ी, रस्सा, चैनपुली ब्लॉक, फर्स्ट एड बॉक्स, टेस्टर, स्पेनर सेट, वर्दी, आईडी कार्ड, शूज, टार्च, स्क्रू ड्राइवर, अर्थ रॉड और रेन कोट आदि शमिल हैं।

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वर्जन:
आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से सुरक्षा किट मुहैया कराई जाती है। पहले जिस कंपनी से अनुबंध था, उसने पर्याप्त संख्या में किट उपलब्ध नहीं कराईं। इसे लेकर कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। जल्द ही कर्मचारियों को सुरक्षा किट मुहैया करा दी जाएगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, एक्सईएन पीलीभीत
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