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Pilibhit News: चार साल से थमे बसों के पहिये, 24 गांवों की दो लाख की आबादी प्रभावित
Thu, 08 May 2025 12:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 08 May 2025 12:45 AM IST
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घुंघचाई से होकर दियोरिया जाना मार्ग। संवाद
घुंचचाई। पीलीभीत डिपो के जिम्मेदारों ने घुंघचाई से दियोरिया होकर बीसलपुर जाने वाले मार्ग पर चार साल से बसों का संचालन बंद कर रखा किया। इससे 24 गांवों के ग्रामीणों को तहसील और जिला मुख्यालय पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में डग्गामार वाहन ही सहारा बने हुए हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से होकर दियोरिया कलां से बीसलपुर मार्ग पर करीब 24 गांव पड़ते हैं। इस मार्ग से इन गांवों के अलावा अन्य इलाकों के लोग भी आवागमन करते है। लोग कम दूरी तय कर बीसलपुर, शाहजहांपुर, बरेली पहुंच जाते हैं। कम खर्च और समय की भी बचत हो जाती है। पूर्व में इस मार्ग पर बसों का संचालन होता था। बाद में संचालन बंद कर दिया गया। लोगों को लंबा चक्कर काटकर पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर और बीसलपुर पहुंचना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि करीब चार वर्ष पूर्व इस मार्ग पर दो बसों का संचालन होता था। विभागीय अधिकारियों ने इसे बंद करा दिया है। अब डग्गामार वाहन ही लोगों का सहारा बने हुए हैं।
इन गांवों के लोग हैं परेशान
बसों का संचालन न होने से घुंघचाई, दिलावरपुर, गुलडिया भूपसिंह, शहवाजपुर, नरायनपुर, लुकटिहाई, कबीरपुर कसगंजा, कढैया, कनपारा, सिमराया आदि गांवों के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इसके अलावा सिमरिया, जितौरिया टांडा, गोपालपुर, कैशोपुर, बलरामपुर, बिलंदपुर अशोक, उदरहा, मटैहना ता.घुंघचाई, कालोनी, कालावोझ, ज्ञानपुर मोहलिया, सिमरा, झुरकुरिया, पुन्नापुर, अजीतपुर बिल्हा, चंदोखा, भगौतीपुर, जनकापुर, भैसासुर, चकपुर चकौडा, सिकरहना आदि गांवों की दो लाख की आबादी को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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बस संचालन को लेकर कई बार जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से संपर्क किया। मगर बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका। इससे दिक्कत बनी है। - जसवीर सिंह, ग्रामीण।
अगर बसों का संचालन हो जाए तो स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। संचालन न होने से विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को भी दिक्कत है।- सुखदेव सक्सेना, ग्रामीण।
बस का संचालन होने से क्षेत्रीय समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर ध्यान नहीं दे रहे है। -वीरेंद्र गुप्ता, ग्रामीण।
यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसों का संचालन किया जा रहा है। इस मार्ग पर बस संचालन को लेकर सर्वे कराया जाएगा। इससे क्षेत्रीय जनता को लाभ मिल सके।- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से होकर दियोरिया कलां से बीसलपुर मार्ग पर करीब 24 गांव पड़ते हैं। इस मार्ग से इन गांवों के अलावा अन्य इलाकों के लोग भी आवागमन करते है। लोग कम दूरी तय कर बीसलपुर, शाहजहांपुर, बरेली पहुंच जाते हैं। कम खर्च और समय की भी बचत हो जाती है। पूर्व में इस मार्ग पर बसों का संचालन होता था। बाद में संचालन बंद कर दिया गया। लोगों को लंबा चक्कर काटकर पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर और बीसलपुर पहुंचना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि करीब चार वर्ष पूर्व इस मार्ग पर दो बसों का संचालन होता था। विभागीय अधिकारियों ने इसे बंद करा दिया है। अब डग्गामार वाहन ही लोगों का सहारा बने हुए हैं।
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इन गांवों के लोग हैं परेशान
बसों का संचालन न होने से घुंघचाई, दिलावरपुर, गुलडिया भूपसिंह, शहवाजपुर, नरायनपुर, लुकटिहाई, कबीरपुर कसगंजा, कढैया, कनपारा, सिमराया आदि गांवों के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इसके अलावा सिमरिया, जितौरिया टांडा, गोपालपुर, कैशोपुर, बलरामपुर, बिलंदपुर अशोक, उदरहा, मटैहना ता.घुंघचाई, कालोनी, कालावोझ, ज्ञानपुर मोहलिया, सिमरा, झुरकुरिया, पुन्नापुर, अजीतपुर बिल्हा, चंदोखा, भगौतीपुर, जनकापुर, भैसासुर, चकपुर चकौडा, सिकरहना आदि गांवों की दो लाख की आबादी को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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बस संचालन को लेकर कई बार जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से संपर्क किया। मगर बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका। इससे दिक्कत बनी है। - जसवीर सिंह, ग्रामीण।
अगर बसों का संचालन हो जाए तो स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। संचालन न होने से विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को भी दिक्कत है।- सुखदेव सक्सेना, ग्रामीण।
बस का संचालन होने से क्षेत्रीय समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर ध्यान नहीं दे रहे है। -वीरेंद्र गुप्ता, ग्रामीण।
यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसों का संचालन किया जा रहा है। इस मार्ग पर बस संचालन को लेकर सर्वे कराया जाएगा। इससे क्षेत्रीय जनता को लाभ मिल सके।- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम।

घुंघचाई से होकर दियोरिया जाना मार्ग। संवाद

घुंघचाई से होकर दियोरिया जाना मार्ग। संवाद

घुंघचाई से होकर दियोरिया जाना मार्ग। संवाद