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भीड़ से परिवहन व्यवस्था ध्वस्त
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:01 AM IST
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परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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डग्गामार वाहनों में सफर करने को हुए मजबूर
रक्षाबंधन पर्व पर उमड़े भाई बहनों के सैलाब से जिले की परिवहन व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ट्रेनों की संख्या कम होने के चलते और बरेली और टनकपुर रेलमार्ग बंद होने के चलते यात्री परेशान रहे। मजबूरन डग्गामार वाहनों में यात्रा करनी पड़ी पर्व के चलते बृहस्पवितार को ट्रेनें और बसें खचाखच भरी दिखाई दी। रेलवे स्टेशन सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों की भीड़ से भरा रहा। लोगों को ट्रेन में घुसने के लिए इमरजेंसी खिड़की का सहारा लेना पड़ा। ट्रेनों में सीट को लेकर भी जमकर मारामारी देखी गई। वहीं कुछ पैसेंजर ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगभग यही हाल रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटरों का रहा। यात्रियों की भीड़ को काबू करने के लिए जीआरपी को डंडे भी फटकारने पड़े। ऐसा ही हाल सड़कों पर रहा। मैजिक, प्राइवेट बसों और अन्य डग्गामार वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी दिखीं। रोडवेज बस स्टैंड, नौगवां चौराहा, छतरी चौराहा, गौहनियां, आसाम चौराहे यात्री वाहनों का इंतजार करते देखे गए।
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रक्षाबंधन पर्व पर उमड़े भाई बहनों के सैलाब से जिले की परिवहन व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ट्रेनों की संख्या कम होने के चलते और बरेली और टनकपुर रेलमार्ग बंद होने के चलते यात्री परेशान रहे। मजबूरन डग्गामार वाहनों में यात्रा करनी पड़ी पर्व के चलते बृहस्पवितार को ट्रेनें और बसें खचाखच भरी दिखाई दी। रेलवे स्टेशन सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों की भीड़ से भरा रहा। लोगों को ट्रेन में घुसने के लिए इमरजेंसी खिड़की का सहारा लेना पड़ा। ट्रेनों में सीट को लेकर भी जमकर मारामारी देखी गई। वहीं कुछ पैसेंजर ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगभग यही हाल रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटरों का रहा। यात्रियों की भीड़ को काबू करने के लिए जीआरपी को डंडे भी फटकारने पड़े। ऐसा ही हाल सड़कों पर रहा। मैजिक, प्राइवेट बसों और अन्य डग्गामार वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी दिखीं। रोडवेज बस स्टैंड, नौगवां चौराहा, छतरी चौराहा, गौहनियां, आसाम चौराहे यात्री वाहनों का इंतजार करते देखे गए।