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जंगल गए ग्रामीण को बाघ ने बनाया निवाला
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Fri, 31 Mar 2017 10:59 PM IST
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छप्पर बनाने के लिए नरकुल लेने जंगल गए बुजुर्ग ग्रामीण को बाघ ने निवाला बना लिया। दूसरे दिन शुक्रवार को बुजुर्ग का क्षतविक्षत शव माला रेंज के जंगल में मिला। सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव आसपुर जमुनिया निवासी श्याम बिहारी (60) बृहस्पतिवार को सुबह करीब 10 बजे नरकुल लेने माला जंगल गए थे लेकिन देर रात तक नहीं लौटे। इस पर घरवालों ने ग्रामीणों की मदद से खोजबीन शुरू की। सुबह माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर निगोही ब्रांच नहर के निकट माला रेंज के कंपार्टमेंट 123 में उनकी साइकिल और जूते मिले। इससे कुछ आगे बढ़ने पर श्याम बिहारी का क्षतविक्षत शव पड़ा था। शव का बायां पैर और पेट का कुछ भाग बाघ ने खा लिया था। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ शव के 20 कदम की दूरी पर ही बैठा था। ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह वहां से चला गया। बाद में ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। कुछ देर बाद माधोटांडा इंस्पेक्टर मनोज त्यागी, एसडीओ केपी सिंह, रेंजर डीके श्रीवास्तव टीम के साथ पहुंचे। एसडीएम कलीनगर जेबी सिंह, तहसीलदार शेरबहादुर सिंह भी टीम के साथ पहुंचे। शव को जंगल से बाहर मुख्य मार्ग पर लाकर पुलिस ने पंचायतनामा भरवाया। इसके बाद से पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। वहीं वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से श्याम बिहारी के घरवालों को अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की।
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