फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The three arrived back Mahof elephants from straying

भटककर महोफ पहुंचे तीनों हाथी हुए वापस

Tue, 06 Sep 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत। Updated Tue, 06 Sep 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
The three arrived back Mahof elephants from straying
elephant - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
- वन कर्मियों ने उत्तराखंड सीमा से सटे कंपार्टमेंट 57 तक पहुंचाया 
- घनी झाड़ियों को रौंदते हुए 24 घंटे में तय की 15 किलोमीटर की दूरी

 उत्तराखंड की सुरई रेंज से होकर टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज पहुंचे तीनों हाथियों की वापसी के प्रयास सफल होते नजर आ रहे हैं। वन कर्मियों ने महोफ में 15 किमी अंदर बाइफरकेशन तक पहुंचे हाथियों की वापसी कराकर उत्तराखंड की सीमा से सटे कंपार्टमेंट 57 तक पहुंचाने में सफलता हासिल कर ली है। देर रात तक इनके वापस चले जाने की उम्मीद है। 
 04 सिंतबर की रात टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे उत्तराखंड की सुरई रेंज से तीन हाथी भटककर महोफ रेंज पहुंच गए थे। खटीमा वन प्रभाग से इसकी जानकारी मिलने पर टाइगर रिजर्व के स्टाफ को एलर्ट किया गया था। डीएफओ के लखनऊ संबद्ध होने और एसडीओ डीपी सिंह के सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के चलते दिल्ली में होने के चलते मुख्य वन संरक्षक ने सामाजिक वानिकी के एसडीओ केपी सिंह को हाथियों को नियंत्रित कर वापसी के अभियान का नेतृत्व सौंपा। उनके नेतृत्व में सोमवार से ही कई टीमें बनाकर पहले हाथियों की लोकेशन पता कराई गई। इसके बाद उनकी मॉनीटरिंग शुरू हुई। रात को भी हाथियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आग जलाई गई। मंगलवार को सुबह हाथियों की लोकेशन बाइफरकेशन के निकट देखी गई। इस पर टीम ने आग जलाकर शोर शराबा किया। इस पर तीनों हाथी वापस होने लगे। शाम पांच बजे तक तीनों हाथी उत्तराखंड की सुरई रेंज की सीमा से सटे महोफ के कंपार्टमेंट नंबर 57 व 90 तक पहुंच गए। इनके देर रात तक सीमा से बाहर होने की उम्मीद है।
विज्ञापन


15 किमी अंदर तक पहुंचे हाथी
उत्तराखंड से टाइगर रिजर्व में घुसे हाथियों ने 24 घंटे में 15 किमी से अधिक की दूरी तय की। शारदा सागर डैम और शारदा मुख्य नहर के मध्य के भाग से होकर हाथियों का झुंड चूका स्पाट से कुछ दूरी पर होता हुआ बाइफरकेशन तक पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाद में एक साथ हो गए हाथी
सूचना मिलने के बाद जंगल में जुटी टीम को पहले दो हाथी एक साथ और एक हाथी अकेले होने की जानकारी पद चिह्नों से मिली। जंगल में घनी झाड़ियों को रौंदते हुए हाथी आगे बढ़ रहे थे। वहीं टीम जंगल में बने रास्तों के माध्यम से उनका पीछा करती रही, लेकिन मंगलवार को वापसी के समय तीनों हाथियों के पद चिह्न एक साथ देखे गए।

वन विभाग ने जुटाए साक्ष्य
हाथियों के महोफ रेंज में पहुंचने और उनकी वापसी तक टीम ने आने-जाने वाले मार्गों का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। टीम ने हाथियों के पद चिह्न के साथ उनके द्वारा नष्ट किए गए पेड़-पौधों और तीन स्थानों पर मिली लीद की भी फोटोग्राफी कराई।


 
सोमवार को सूचना मिलने पर हाथियों की निगरानी के साथ वापसी के प्रयास शुरू किए गए थे। 24 घंटे से अधिक समय तक मशक्कत करने के बाद तीनों हाथियों की वापसी कराने में सफलता मिली है। उम्मीद है कि देर रात तक तीनों हाथी टाइगर रिजर्व की सीमा से बाहर हो जाएंगें।
- केपी सिंह, एसडीओ व अभियान प्रभारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed