पीलीभीत। प्रधानमंत्री आवास योजना में आवंटित तीन आवासों में बिना मान्यता के स्कूल संचालित के मामले में तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। जवाबदेही तय किए जाने के लिए जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास भेजी गई है। उदयपुर कांड में दावत-ए-इस्लामी का नाम सामने आने के बाद संगठन से जुड़े मदरसों और शिक्षण संस्थाओं के बारे में शासन-प्रशासन की छानबीन चल रही है।
नकटादाना में बगैर मान्यता के संचालित एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल 6 जुलाई को बंद कराया गया है। यह भी कहा जा रहा है कि स्कूल दावत-ए-इस्लामी संगठन से जुड़ा हुआ था। इस विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। अपर जिलाधिकारी राम सिंह गौतम ने बताया कि बगैर मान्यता के स्कूल संचालन की शिकायत आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच कराई थी। शिकायत की पुष्टि पर स्कूल बंद करा दिया गया था। उसके बाद एक मेसेज वायरल हुआ, जिसमें पता लगा कि यह स्कूल प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास में संचालित हो रहा है। इस पर डूडा के परियोजना अधिकारी से जांच कराई गई। जांच में पता लगा है कि जिन तीन आवासों में स्कूल का संचालन हो रहा था। वह पीएम आवास योजना में आवंटित हुए हैं। जांच आख्या जिलाधिकारी को भेजी गई है। इस मामले में तत्कालीन अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकती है। सवाल यही है कि अपात्रों को आवास आवंटन क्यों हुए?