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कार्य को लेकर पंचायतकर्मी विकास विभाग आमने-सामने
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:19 PM IST
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प्रदर्शन लोग।
- फोटो : pilibhit, beureu
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पंचायती राज विभाग द्वारा खुद को विकास विभाग से अलग करने की मांग को लेकर जहां जिला स्तर पर पंचायत राज परिषद की अगुवाई में धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा वहीं इसके विरोध में विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने ग्राम्य विकास महापरिषद के तत्वावधान में दो घंटे अधिक काम कर पंचायत कर्मियों के धरने से प्रभावित हुए कार्य की भरपाई की। इसको लेकर सुबह कार्यालय जल्दी खुल गए और शाम को देरी से बंद हुए।
बंधुआ मजदूरी से मुक्त हो पंचायतीराज विभाग
पीलीभीत। पंचायतीराज विभाग को ग्राम्य विकास से अलग करने की मांग को लेकर पंचायतराज विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने नेहरू पार्क में धरना दिया। कर्मचारियों ने ग्राम्य विकास की बंधुआ मजदूरी से मुक्त करने की मांग कर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
पंचायतीराज विभाग को विकास विभाग से अलग करने की प्रदेश व्यापी मांग के तहत शुक्रवार को पंचायत राज सेवा परिषद के तत्वावधान में अधिकारी कर्मचारी नेहरू पार्क में एकत्र हुए। अध्यक्ष रूपलाल ने कहा कि अलग काम करने के बावजूद पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों को जिला स्तर पर ग्राम्य विकास विभाग के बंधुआ मजदूर के रूप में काम करना पड़ा रहा है। कौशलेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा, दो विभागों के बीच समन्वय हो सकता है, एक का दूसरे पर नियंत्रण नहीं। प्रदेश में इन दो विभागों के अलावा अन्य कोई ऐसा उदाहरण नहीं है। धरना प्रदर्शन के बाद अधिकारी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित छह सूत्री ज्ञापन धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा को दिया। इसमें पंचायती राज विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों एवं कार्यों पर ग्राम्य विकास विभाग का नियंत्रण होने संबंधी शासनादेश निरस्त कर पंचायतीराज को स्वतंत्र विभाग के रूप में मान्यता देने सहित कई मांगे की गई हैं। धरना प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने वालों मेें अध्यक्ष रूपलाल, कौशलेंद्र सिंह भदौरिया, संजय प्रकाश, पवन शुक्ला, हरिसिंह, केपी सिंह, हेमेंद्र कुमार, हशमुद्दीन खां, प्रदीप वर्मा, अनिल कुमार, धर्मपाल, रामसेवक, वली मोहम्मद, तसलीम मियां, मोहम्मद शाहिद नबी, ओमकार, हरद्वारी लाल, राजकुमार, धर्मपाल, महावीर प्रसद, रामनिवास, नईमुल हसन, करमचंद्र बाल्मीकि, गौरव, गीता रानी, रश्मिी आदि शामिल रहीं।
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विवि अधिकारियों ने दो घंटे अधिक किया काम
पीलीभीत। ग्राम्य विकास महापरिषद के आहवान पर शुक्रवार को विकास विभाग के सभी कार्यालयों में विशेष कार्य दिवस का आयोजन किया गया। इसके तहत अधिकारी कर्मचारियों ने दो घंटे अधिक काम किया।
शुक्रवार को जिला मुख्यालय एवं ब्लाकों में सुबह 10 बजे से कुछ समय पहले ही अधिकारी कर्मचारी कार्यालय पहुंच गए और शाम को भी पांच बजे के बाद दो घंटे तक अतिरिक्त समय देकर विभागीय कार्य निपटाए। विकास भवन में डीडीओ, पीडी, डीसी मनरेगा के कार्यालय एवं उनका समस्त स्टाफ मौजूद रहा। वहीं मरौरी ब्लाक में भी विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने दो घंटे अधिक काम किया।
बीसलपुर। ब्लाक कार्यालय में शुक्रवार विशेष कार्य दिवस का आयोजन किया। इसके तहत विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने प्रतिदिन की अपेक्षा दो घंटे अधिक काम किया। बीडीओ सीके श्रीवास्तव ने बताया कि पंचायती राज विभाग के आंदोलन के विरोध में विकास विभाग के अधिकारियों ने दो घंटे अधिक कार्य करने का निर्णय लिया था, जिसकेे तहत शुक्रवार को दो घंटे अधिक काम किया गया।
बरखेड़ा। बीडीओ ऋषिपाल सिंह ने बताया कि पंचायतीराज विभाग द्वारा सरकारी कामकाज में किसी प्रकार की बाधा डालने का मुंहतोड़ जवाब देने के उद्देश्य से शुक्रवार को दो घंटे अधिक काम किया गया। सुबह नौ बजे कार्यालय खुल गया और शाम को छह बजे के बाद बंद हुआ। उन्होंने बताया कि 17 जून को कार्यालय में दो घंटे अतिरिक्त समय तक खुलेगा।
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बंधुआ मजदूरी से मुक्त हो पंचायतीराज विभाग
पीलीभीत। पंचायतीराज विभाग को ग्राम्य विकास से अलग करने की मांग को लेकर पंचायतराज विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने नेहरू पार्क में धरना दिया। कर्मचारियों ने ग्राम्य विकास की बंधुआ मजदूरी से मुक्त करने की मांग कर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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पंचायतीराज विभाग को विकास विभाग से अलग करने की प्रदेश व्यापी मांग के तहत शुक्रवार को पंचायत राज सेवा परिषद के तत्वावधान में अधिकारी कर्मचारी नेहरू पार्क में एकत्र हुए। अध्यक्ष रूपलाल ने कहा कि अलग काम करने के बावजूद पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों को जिला स्तर पर ग्राम्य विकास विभाग के बंधुआ मजदूर के रूप में काम करना पड़ा रहा है। कौशलेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा, दो विभागों के बीच समन्वय हो सकता है, एक का दूसरे पर नियंत्रण नहीं। प्रदेश में इन दो विभागों के अलावा अन्य कोई ऐसा उदाहरण नहीं है। धरना प्रदर्शन के बाद अधिकारी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित छह सूत्री ज्ञापन धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा को दिया। इसमें पंचायती राज विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों एवं कार्यों पर ग्राम्य विकास विभाग का नियंत्रण होने संबंधी शासनादेश निरस्त कर पंचायतीराज को स्वतंत्र विभाग के रूप में मान्यता देने सहित कई मांगे की गई हैं। धरना प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने वालों मेें अध्यक्ष रूपलाल, कौशलेंद्र सिंह भदौरिया, संजय प्रकाश, पवन शुक्ला, हरिसिंह, केपी सिंह, हेमेंद्र कुमार, हशमुद्दीन खां, प्रदीप वर्मा, अनिल कुमार, धर्मपाल, रामसेवक, वली मोहम्मद, तसलीम मियां, मोहम्मद शाहिद नबी, ओमकार, हरद्वारी लाल, राजकुमार, धर्मपाल, महावीर प्रसद, रामनिवास, नईमुल हसन, करमचंद्र बाल्मीकि, गौरव, गीता रानी, रश्मिी आदि शामिल रहीं।
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विवि अधिकारियों ने दो घंटे अधिक किया काम
पीलीभीत। ग्राम्य विकास महापरिषद के आहवान पर शुक्रवार को विकास विभाग के सभी कार्यालयों में विशेष कार्य दिवस का आयोजन किया गया। इसके तहत अधिकारी कर्मचारियों ने दो घंटे अधिक काम किया।
शुक्रवार को जिला मुख्यालय एवं ब्लाकों में सुबह 10 बजे से कुछ समय पहले ही अधिकारी कर्मचारी कार्यालय पहुंच गए और शाम को भी पांच बजे के बाद दो घंटे तक अतिरिक्त समय देकर विभागीय कार्य निपटाए। विकास भवन में डीडीओ, पीडी, डीसी मनरेगा के कार्यालय एवं उनका समस्त स्टाफ मौजूद रहा। वहीं मरौरी ब्लाक में भी विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने दो घंटे अधिक काम किया।
बीसलपुर। ब्लाक कार्यालय में शुक्रवार विशेष कार्य दिवस का आयोजन किया। इसके तहत विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने प्रतिदिन की अपेक्षा दो घंटे अधिक काम किया। बीडीओ सीके श्रीवास्तव ने बताया कि पंचायती राज विभाग के आंदोलन के विरोध में विकास विभाग के अधिकारियों ने दो घंटे अधिक कार्य करने का निर्णय लिया था, जिसकेे तहत शुक्रवार को दो घंटे अधिक काम किया गया।
बरखेड़ा। बीडीओ ऋषिपाल सिंह ने बताया कि पंचायतीराज विभाग द्वारा सरकारी कामकाज में किसी प्रकार की बाधा डालने का मुंहतोड़ जवाब देने के उद्देश्य से शुक्रवार को दो घंटे अधिक काम किया गया। सुबह नौ बजे कार्यालय खुल गया और शाम को छह बजे के बाद बंद हुआ। उन्होंने बताया कि 17 जून को कार्यालय में दो घंटे अतिरिक्त समय तक खुलेगा।