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Pilibhit News: रेलवे के काम की सुस्त है रफ्तार... बाईपास से फर्राटा भरने के लिए करते रहिए इंतजार
Sun, 25 Jun 2023 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 25 Jun 2023 12:49 AM IST
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निर्माणधीन पुल। संवाद
पीलीभीत। असम हाईवे से टनकपुर हाईवे को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे बाईपास का निर्माण रेलवे की सुस्ती से लटक गया है। दरअसल, रेलवे बाईपास पर बन रहे ओवरब्रिज का अपने हिस्से का काम पूरा कराने में तेजी नहीं दिखा रहा है। यहां रेलवे की ओर से गर्डर न आने के कारण काम बंद है। हालांकि इसे लेकर कार्यदायी संस्था की ओर से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। सेतु निगम ने अपना काम पूरा कर लिया है। महज रेलवे लाइन के ऊपर का ही शेष है, जो रेलवे को कराना है।
शहर में जाम की समस्या को देखते हुए शासन ने साल 2019 में पीलीभीत बाईपास पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। इसके लिए 26.80 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था। इसके बावजूद दो साल तक ओवरब्रिज का निर्माण अटका रहा। इसके बाद काम शुरू हुआ तो सेतु निगम ने अपने हिस्से का काम तय समय से पहले ही पूरा कर लिया, लेकिन रेलवे अपने हिस्से का काम कराने में शुरू से ही लेटलतीफ है। रेलवे लाइन के ऊपर काम होना बाकी है। रेलवे की ओर से तीन गर्डर रखे जाने हैं। पहले मई में गर्डर आने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक गर्डर नहीं आ सके हैं।
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ओवरब्रिज बनने से सुगम होगा सफर
लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों को टनकपुर, खटीमा और उत्तराखंड के अन्य जिलों में जाने के लिए शहर के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस मार्ग पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। हादसे भी होते रहते हैं। इस समस्या को देखते हुए शासन ने साल 2019 में बाईपास और और ओवरब्रिज निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। बाईपास बनने के बाद लोगों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।
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शहर में जाम की समस्या को देखते हुए शासन ने साल 2019 में पीलीभीत बाईपास पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। इसके लिए 26.80 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था। इसके बावजूद दो साल तक ओवरब्रिज का निर्माण अटका रहा। इसके बाद काम शुरू हुआ तो सेतु निगम ने अपने हिस्से का काम तय समय से पहले ही पूरा कर लिया, लेकिन रेलवे अपने हिस्से का काम कराने में शुरू से ही लेटलतीफ है। रेलवे लाइन के ऊपर काम होना बाकी है। रेलवे की ओर से तीन गर्डर रखे जाने हैं। पहले मई में गर्डर आने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक गर्डर नहीं आ सके हैं।
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ओवरब्रिज बनने से सुगम होगा सफर
लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों को टनकपुर, खटीमा और उत्तराखंड के अन्य जिलों में जाने के लिए शहर के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस मार्ग पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। हादसे भी होते रहते हैं। इस समस्या को देखते हुए शासन ने साल 2019 में बाईपास और और ओवरब्रिज निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। बाईपास बनने के बाद लोगों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।
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