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Pilibhit News: चश्मों के दुकानदार खुद ही बन बैठे नेत्र चिकित्सक
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शहर में ऑप्टिकल्स की एक दुकान पर रखी नेत्र परीक्षण मशीन। संवाद
पीलीभीत। जिले में चश्मों की बिक्री बढ़ाने और कमाई के लिए आमजन की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। कई दुकानदार खुद ही नेत्र चिकित्सक बन बैठे हैं। नियमों की अनदेखी कर 50 से 100 रुपये में आंखों की जांच का दावा किया जा रहा है। नियमानुसार नेत्र परीक्षण के लिए ऑप्टोमेट्रिस्ट का होना जरूरी है। जिम्मेदार इस खेल से बेपरवाह हैं।
व्यक्ति की शारीरिक संरचना में आंख का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। कमाई के चक्कर में दुकानदार आंखों की जांच के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले भर में करीब 15 चश्मे की दुकानें चल रही हैं। कई जगहों पर गैर प्रशिक्षित लोग आंखों की जांच कर रहे हैं। मरीजों से मनमाने रुपये वसूले जा रहे हैं।
शहर में स्टेशन मार्ग, बाजार, चावला चौराहा, गैस चौराहे आदि स्थानों पर इस तरह की दुकानें संचालित हो रहीं हैं। नेत्र परीक्षण के नाम पर खिलवाड़ कर रहीं इन दुकानों पर जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ती है। शहर के एक नेत्र चिकित्सक ने बताया कि ऑप्टोमेट्रिस्ट के लिए चार से पांच साल का कोर्स किया जाता है। एक साल के अभ्यास के बाद यूपी स्टेट मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के बाद व्यक्ति ऑप्टोमेट्रिस्ट या नेत्र चिकित्सक बन पाता है।
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विजन ड्रम की छह मीटर की दूरी अनिवार्य
किसी भी व्यक्ति का नेत्र परीक्षण कर नंबर देने का कार्य विजन ड्रम से किया जाता है। इसमें व्यक्ति से छह मीटर की दूरी से विजन ड्रम से परीक्षण किया जाता है। बाजार में संचालित कई दुकानें ऐसी हैं जहां दो मीटर की भी लंबाई नहीं है। ऐसे में नेत्र परीक्षण किस तरह किए जा रहे हैं, यह सोचने की बात कही।
नेत्र परीक्षण के लिए डिप्लोमा और प्रशिक्षण होना अनिवार्य है। अगर कहीं पर नियमों को दरकिनार किया जा रहा है तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ आलोक शर्मा, सीएमओ
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व्यक्ति की शारीरिक संरचना में आंख का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। कमाई के चक्कर में दुकानदार आंखों की जांच के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले भर में करीब 15 चश्मे की दुकानें चल रही हैं। कई जगहों पर गैर प्रशिक्षित लोग आंखों की जांच कर रहे हैं। मरीजों से मनमाने रुपये वसूले जा रहे हैं।
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शहर में स्टेशन मार्ग, बाजार, चावला चौराहा, गैस चौराहे आदि स्थानों पर इस तरह की दुकानें संचालित हो रहीं हैं। नेत्र परीक्षण के नाम पर खिलवाड़ कर रहीं इन दुकानों पर जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ती है। शहर के एक नेत्र चिकित्सक ने बताया कि ऑप्टोमेट्रिस्ट के लिए चार से पांच साल का कोर्स किया जाता है। एक साल के अभ्यास के बाद यूपी स्टेट मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के बाद व्यक्ति ऑप्टोमेट्रिस्ट या नेत्र चिकित्सक बन पाता है।
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विजन ड्रम की छह मीटर की दूरी अनिवार्य
किसी भी व्यक्ति का नेत्र परीक्षण कर नंबर देने का कार्य विजन ड्रम से किया जाता है। इसमें व्यक्ति से छह मीटर की दूरी से विजन ड्रम से परीक्षण किया जाता है। बाजार में संचालित कई दुकानें ऐसी हैं जहां दो मीटर की भी लंबाई नहीं है। ऐसे में नेत्र परीक्षण किस तरह किए जा रहे हैं, यह सोचने की बात कही।
नेत्र परीक्षण के लिए डिप्लोमा और प्रशिक्षण होना अनिवार्य है। अगर कहीं पर नियमों को दरकिनार किया जा रहा है तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ आलोक शर्मा, सीएमओ