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सभी धर्म ग्रंथों में एक ही शक्ति विद्यमान
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:14 PM IST
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सभी धर्म ग्रंथों में एक ही शक्ति विद्यमान
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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गुरु तेगबहादुर सिंह जी के शहीदी पर्व व बाबा सरदारा सिंह की तीसरी सालाना बरसी पर हुए समागम में बाहर से आए संत महापुरुषों ने संगत को प्रवचन कर निहाल किया। समागम में सर्व धर्म के लोगों ने भाग लिया।
क्षेत्र के गुरुद्वारा नानकसर बड़ापुरा भैसहा में बुधवार को दो दिवसीय कार्यक्रम का आगाज हुआ। समागम में सूफी संत गुलाम हैदर कादरी ने सर्वधर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी धर्मों के ग्रंथों एक शक्ति विद्यमान है। जिन्हें अलग-अलग धर्मों के लोग अलग-अलग नामों से पुकारते हैं। संसार में कोई बड़ा छोटा नहीं है। कहा कि गुरु साहब ने मनुष्यों की लगने वाली मंडी का खात्मा किया। खालसात्र् वो है जिसने न जात देखी न पात और हर किसी की मदद की। संसार के सभी मनुष्यों को मिलजुल कर रहना चाहिए। यह मेलजोल ही मानव धर्म का उत्थान कर सकता है। इस दौरान संत बाबा नरेंदर सिंह व संत बाबा बलविंदर सिंह हुजूर सहिब नादेड़ वालों ने गुरु तेगबहादुर सिंह जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला और संगत को लेकर रास्ते पर चलने की सलाह दी। जत्थेदार बाबा मोहन सिंह, बाबा रण सिंह ने भी संगत को निहाल किया। कथा वाचक बलविंदर कौर खालसा, बाबा अंग्रेज सिंह के अलावा चंदन सिंह व दीदार सिंह के कविश्री जत्थे ने भी संगत को गुरु की महिमा से निहाल किया। इस दौरान भव्य दीवान भी सजा। जिसमें तमाम संगत ने पहुंचकर मत्था टेका और गुरु महाराज का आर्शीवाद लिया। जत्थेदार बाबा मोहन सिंह ने बताया कि 24 नवंबर को सुबह दस बजे से भव्य दीवान सजेगा और अमृत संचार कार्यक्रम भी होगा।
क्षेत्र के गुरुद्वारा नानकसर बड़ापुरा भैसहा में बुधवार को दो दिवसीय कार्यक्रम का आगाज हुआ। समागम में सूफी संत गुलाम हैदर कादरी ने सर्वधर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी धर्मों के ग्रंथों एक शक्ति विद्यमान है। जिन्हें अलग-अलग धर्मों के लोग अलग-अलग नामों से पुकारते हैं। संसार में कोई बड़ा छोटा नहीं है। कहा कि गुरु साहब ने मनुष्यों की लगने वाली मंडी का खात्मा किया। खालसात्र् वो है जिसने न जात देखी न पात और हर किसी की मदद की। संसार के सभी मनुष्यों को मिलजुल कर रहना चाहिए। यह मेलजोल ही मानव धर्म का उत्थान कर सकता है। इस दौरान संत बाबा नरेंदर सिंह व संत बाबा बलविंदर सिंह हुजूर सहिब नादेड़ वालों ने गुरु तेगबहादुर सिंह जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला और संगत को लेकर रास्ते पर चलने की सलाह दी। जत्थेदार बाबा मोहन सिंह, बाबा रण सिंह ने भी संगत को निहाल किया। कथा वाचक बलविंदर कौर खालसा, बाबा अंग्रेज सिंह के अलावा चंदन सिंह व दीदार सिंह के कविश्री जत्थे ने भी संगत को गुरु की महिमा से निहाल किया। इस दौरान भव्य दीवान भी सजा। जिसमें तमाम संगत ने पहुंचकर मत्था टेका और गुरु महाराज का आर्शीवाद लिया। जत्थेदार बाबा मोहन सिंह ने बताया कि 24 नवंबर को सुबह दस बजे से भव्य दीवान सजेगा और अमृत संचार कार्यक्रम भी होगा।
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