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Pilibhit News: बरसात का कार्यकाल निकला, अधर में अटके बाढ़ बचाव कार्य

Wed, 05 Mar 2025 12:42 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Wed, 05 Mar 2025 12:42 AM IST
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The rainy season is over, flood prevention work is stuck in limbo
नोमैंस लैंड के निकट शारदा नदी ने क्षतिग्रस्त किया बाढ़ नियंत्रण कार्य। फाइल फोटो
पीलीभीत। बरसात के समय कलीनगर क्षेत्र के बड़े दायरे में शारदा नदी का खतरा रहता है। कृषि योग्य भूमि के कटान के साथ ही बाढ़ बचाव परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचता है। बीते वर्ष जुलाई में शारदा नदी ने जमकर तबाही मचाई थी। तटबंध और कई अन्य बाढ़ बचाव परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। जिम्मेदारों ने बरसात के बाद बचाव कार्यों को कराए जाने का दावा किया और फिर भूल गए। कई माह बाद भी कोई कार्य शुरू नहीं हो सका।
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उत्तराखंड और नेपाल सीमा से सटे इलाके में हर साल बरसात के दौरान शारदा नदी अपना विकराल रूप दिखाती है। इस इलाके में बंदरभोज, बूंदीभूड़, नौजल्हा, गभिया सहराई, नगरिया खुर्द कलां, गुन्हान, रमनगरा भुजिया, बिजौरी कलां समेत गांव की सीमा में नदी का खतरा रहता है। पिछले साल बाढ़ ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया था।
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इसमें नौजल्हा नंबर एक, कंजिया सिंहपुर, नगरिया खुर्द और रमनगरा बुझिया क्षेत्र शामिल था। इस इलाके में नदी ने कृषि भूमि का कटान किया था। नदी के पार भी जमीन का बड़ा भाग जद में आया था। इसके अलावा नदी के इन इलाकों में पूर्व में बनी कई महत्वपूर्ण बाढ़ नियंत्रण योजनाएं भी क्षतिग्रस्त की थी। उस समय सिंचाई विभाग के अफसरों ने बरसात के बाद संवेदनशील स्थानों पर स्थायी कार्य कराने का दावा किया था।
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बरसात का कार्यकाल समाप्त हुए लंबा समय बीत गया, लेकिन बचाव के नाम पर कार्य शुरू नहीं हो सका। क्षेत्र के रहने वाले अरुण भंडार, संतोष आदि का कहना है कि नदी हर साल तबाही मचाती आ रही है। साल भर कार्य नहीं कराए जाते। बरसात का समय आने पर ही कार्य के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जाती हैं।
इन बचाव कार्यों को हुआ था नुकसान
नौजल्हा नंबर दो के पास बाढ़ नियंत्रण योजना से कई वर्ष पहले कराया गया तटबंध कार्य कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। कंजिया सिंहपुर के पास भी पत्थर से बनी ठोकरों को नुकसान पहुंचा था। नगरिया खुर्द कला, रमनगरा भुजिया में भी बाढ़ बचाव परियोजनाएं प्रभावित हुईं थीं। इन गांवों की सीमा में शारदा नदी के दूसरी ओर काफी बड़े हिस्से में जमीन का कटान हुआ था।
पांच बचाव कार्य प्रक्रिया में, बजट का इंतजार
शारदा सागर खंड के एक्सईएन बृजेश पोरवाल ने बताया कि कलीनगर क्षेत्र में बाढ़ बचाव से संबंधित पांच कार्य प्रक्रिया है। स्टीयरिंग कमेटी से स्वीकृति मिल चुकी है। बजट मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। हमारा मुख्य उद्देश्य सनेडी तटबंध को बचाना है। इसे नुकसान पहुंचा तो फिर शारदा सागर डैम को खतरा हो सकता है।
सीएम के आदेश से जागी उम्मीदें
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय से कार्य पूरा करने के सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद लोगों में उम्मीद जागी है। रमनगरा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ के दौरान अस्थायी कार्य कराकर बजट ठिकाने लगाया जाता है। बरसात बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका। अब सीएम के आदेश के बाद बचाव कार्य की उम्मीद जगी है।


बाढ़ और शारदा सागर खंड के अधीन है क्षेत्र
कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी का भाग सिंचाई विभाग की दो डिवीजन के अधीन है। इसमें नोमैंस लैंड के निकट नौजल्हा का भाग शारदा सागर खंड और और रमनगरा, नगरिया खुर्द क्षेत्र का भाग बाढ़ खंड में आता है। इस बार विभाग की ओर से बचाव कार्य के नाम पर फिलहाल कोई प्रयास शुरू नहीं किए गए हैं। पूर्व में शारदा सागर खंड की ओर से शारदा डैम और शारदा नदी के खतरे को रोकने के लिए बनाए गए तटबंध की चौड़ाई बढ़ाने की योजना बनाकर कार्य कराया था।

वर्जन
तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शारदा नदी के संवेदनशील क्षेत्र में बचाव कार्य कराए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया पर अमल किया जा रहा है।
- ध्रुव नारायण, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
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