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सेल्हा बाबा की मजार पर चादरपोशी के लिए जुलूस, उमड़े अकीदतमंद
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सेल्हा बाबा की दरगाह शरीफ पर चादरपोशी करते अकीदतमंद। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
कलीनगर। सैयद सेल्हा बाबा के सालाना उर्स में सोमवार को मेला परिसर अकीदतमंदों की आमद से भरा रहा। दोपहर बाद चादरपोशी के लिए जुलूूस निकाला गया। शाम को छोटा कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। जायरीन की बढ़ती भीड़ के चलते मेला स्थल तक आने वाले मार्गों पर दिन व रात में कई बार जाम की स्थिति पैदा होती रही।
बराही रेंज में जंगल से सटे सेल्हा गांव स्थित सेल्हा बाबा की दरगाह पर चल रहे उर्स में सोमवार को जायरीन का भारी सैलाब उमड़ा। सर्वधर्म की आस्था का केंद्र बने इस दरगाह स्थल पर प्रदेश समेत देश के कोने-कोने से जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। सोमवार को दोपहर बाद चादरों का जुलूस निकाला गया। जिसमें कव्वाल नात पढ़ते हुए चल रहे थे। देर शाम दरगाह पर चादरों के चढ़ाने के साथ छोटे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई गई। दरगाह स्थल पर सारी रात अकीदतमंदों ने पंडाल में कव्वालियों का आनंद लिया। बढ़ती भीड़ के चलते दुकानदारों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मेले में महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की। मेला कमेटी के प्रबंधक अकीलुर्रहमान ने बताया कि 30 मार्च को आखिरी कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा।
बाइफरकेशन पर रही जाम की स्थिति
मेला 25 मार्च को शुरू हुआ था। कई स्थानों के अकीदमंद पहुंच रहे है। वाहनों से लोगों के आने का सिलसिला जारी है। इससे बाइफककेशन पर जाम के हालात पैदा हो रहे हैं। रविवार देर शाम से सोमवार सुबह तक वाहनों का आवागमन होता रहा। बाइफरकेशन में सिंचाई विभाग द्वारा पुल पर टोल टैक्स वसूलने के लिए बैरियर लगाया गया है। बैरियर पर थोड़ा समय लगने की वजह से कई बार वाहन चालकों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा।
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बराही रेंज में जंगल से सटे सेल्हा गांव स्थित सेल्हा बाबा की दरगाह पर चल रहे उर्स में सोमवार को जायरीन का भारी सैलाब उमड़ा। सर्वधर्म की आस्था का केंद्र बने इस दरगाह स्थल पर प्रदेश समेत देश के कोने-कोने से जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। सोमवार को दोपहर बाद चादरों का जुलूस निकाला गया। जिसमें कव्वाल नात पढ़ते हुए चल रहे थे। देर शाम दरगाह पर चादरों के चढ़ाने के साथ छोटे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई गई। दरगाह स्थल पर सारी रात अकीदतमंदों ने पंडाल में कव्वालियों का आनंद लिया। बढ़ती भीड़ के चलते दुकानदारों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मेले में महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की। मेला कमेटी के प्रबंधक अकीलुर्रहमान ने बताया कि 30 मार्च को आखिरी कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा।
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बाइफरकेशन पर रही जाम की स्थिति
मेला 25 मार्च को शुरू हुआ था। कई स्थानों के अकीदमंद पहुंच रहे है। वाहनों से लोगों के आने का सिलसिला जारी है। इससे बाइफककेशन पर जाम के हालात पैदा हो रहे हैं। रविवार देर शाम से सोमवार सुबह तक वाहनों का आवागमन होता रहा। बाइफरकेशन में सिंचाई विभाग द्वारा पुल पर टोल टैक्स वसूलने के लिए बैरियर लगाया गया है। बैरियर पर थोड़ा समय लगने की वजह से कई बार वाहन चालकों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा।
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