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Pilibhit News: कार्य की रफ्तार धीमी, गड्ढों में सफर कर सहना पड़ रहा दर्द
Sun, 20 Jul 2025 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:48 PM IST
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अधूरा पड़ा चंदोई मझोला मार्ग। संवाद
मझोला। शासन से 45 करोड़ रुपये की धनराशि जारी होने के बावजूद चंदोई-मझोला मार्ग का निर्माण अधर में लटका हुआ है। डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी 22 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का सिर्फ 10 किलोमीटर हिस्सा ही बन सका है। शेष सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई। इससे राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मार्ग से चंदोई, सिरसा, रम्पुरिया, दहगला, धनकुना, भिकारीपुर, नाकूड़, बेरीखेड़ा और खेड़ा समेत लगभग 30 गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन पीलीभीत शहर व मझोला की ओर आवाजाही करते हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि दोपहिया वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं। गहरे गड्ढों के कारण अक्सर हादसों का डर बना रहता है। ग्रामीणों के बार-बार मांग करने पर पीडब्ल्यूडी ने मार्ग के चौड़ीकरण और हॉटमिक्स निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके बाद शासन ने दो साल पहले 45 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया, टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू भी हुआ।
शुरुआत में दो गांवों की सीमा में लगभग 500-500 मीटर की दूरी पर सीसी सड़क बनवाई गई, लेकिन उसके बाद काम ठप हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अफसर अब इस पर ध्यान नहीं दे रहे। मार्ग की दशा जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी का कहना है कि कार्य की निगरानी के लिए टीमों को लगाया गया है। समय से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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मार्ग से चंदोई, सिरसा, रम्पुरिया, दहगला, धनकुना, भिकारीपुर, नाकूड़, बेरीखेड़ा और खेड़ा समेत लगभग 30 गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन पीलीभीत शहर व मझोला की ओर आवाजाही करते हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि दोपहिया वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं। गहरे गड्ढों के कारण अक्सर हादसों का डर बना रहता है। ग्रामीणों के बार-बार मांग करने पर पीडब्ल्यूडी ने मार्ग के चौड़ीकरण और हॉटमिक्स निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके बाद शासन ने दो साल पहले 45 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया, टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू भी हुआ।
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शुरुआत में दो गांवों की सीमा में लगभग 500-500 मीटर की दूरी पर सीसी सड़क बनवाई गई, लेकिन उसके बाद काम ठप हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अफसर अब इस पर ध्यान नहीं दे रहे। मार्ग की दशा जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी का कहना है कि कार्य की निगरानी के लिए टीमों को लगाया गया है। समय से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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