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ग्राम प्रधान के बाबा की सांड के हमले में मौत, बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार
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हीरालाल फाइल फोटो।
- फोटो : PILIBHIT
बरखेड़ा। बरगदा गांव में 80 वर्षीय हीरालाल रविवार तड़के तीन बजे लघुशंका करने घर से निकले थे, तभी सांड़ ने उन पर हमला बोल दिया। बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग ग्राम प्रधान के बाबा हैं। परिवार वालों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
डडिया राझे गांव के प्रधान दयाशंकर ने बताया कि उनका घर गांव का मझरा बरगदा में है। दादा हीरालाल तड़के करीब तीन बजे लघुशंका के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान अचानक उन पर पीछे से सांड़ ने हमला कर दिया। हमले के दौरान गर्दन में काफी चोटें आई। साड़ ने कई बार उन्हें सड़क पर पटका। चीख पुकार की आवाज सुनकर परिवार वाले मौके पर पहुंचे और सांड़ से उन्हें बचाया। ग्रामीणों ने लाठियां लेकर सांड़ पर मारी। जिसके बाद वह गांव से बाहर भाग गया।
हालांकि तब तक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। उन्हें इलाज के लिए बरखेड़ा सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बुजुर्ग को कई निजी अस्पतालों में लेकर गए लेकिन हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने मना कर दिया। बाद में जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह नौ बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया।
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पहले भी पशुओं के हमले में लोग गवां चुके हैं जान
पीलीभीत। तीन महीने पहले बरखेड़ा के गांव सिसैइया निवासी अयोध्या प्रसाद (70) पर रास्ते में आवारा पशु ने हमला कर दिया था। इलाज को ले जाते बुजुर्ग की मौत हो गई थी। बीती तीन अगस्त को गौहनिया रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात बुजुर्ग की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी।
इसके अलावा बीसलपुर रोड पर 30 मार्च को शहर से घर लौट रहे बरखेड़ा निवासी सुरेश कुमार की बाइक जिरौनिया गांव के पास काले रंग के सांड़ से रात में टकरा गई। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थी। बीसलपुर निवासी राम पाल 18 जुलाई को परिवार के साथ बाइक से रिश्तेदारी में जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर खड़े पशु आपस में भिड़ गए। जिससे बाइक सवार दंपती घायल हो गए। इसके बाद भी प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
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डडिया राझे गांव के प्रधान दयाशंकर ने बताया कि उनका घर गांव का मझरा बरगदा में है। दादा हीरालाल तड़के करीब तीन बजे लघुशंका के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान अचानक उन पर पीछे से सांड़ ने हमला कर दिया। हमले के दौरान गर्दन में काफी चोटें आई। साड़ ने कई बार उन्हें सड़क पर पटका। चीख पुकार की आवाज सुनकर परिवार वाले मौके पर पहुंचे और सांड़ से उन्हें बचाया। ग्रामीणों ने लाठियां लेकर सांड़ पर मारी। जिसके बाद वह गांव से बाहर भाग गया।
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हालांकि तब तक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। उन्हें इलाज के लिए बरखेड़ा सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बुजुर्ग को कई निजी अस्पतालों में लेकर गए लेकिन हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने मना कर दिया। बाद में जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह नौ बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया।
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पहले भी पशुओं के हमले में लोग गवां चुके हैं जान
पीलीभीत। तीन महीने पहले बरखेड़ा के गांव सिसैइया निवासी अयोध्या प्रसाद (70) पर रास्ते में आवारा पशु ने हमला कर दिया था। इलाज को ले जाते बुजुर्ग की मौत हो गई थी। बीती तीन अगस्त को गौहनिया रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात बुजुर्ग की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी।
इसके अलावा बीसलपुर रोड पर 30 मार्च को शहर से घर लौट रहे बरखेड़ा निवासी सुरेश कुमार की बाइक जिरौनिया गांव के पास काले रंग के सांड़ से रात में टकरा गई। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थी। बीसलपुर निवासी राम पाल 18 जुलाई को परिवार के साथ बाइक से रिश्तेदारी में जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर खड़े पशु आपस में भिड़ गए। जिससे बाइक सवार दंपती घायल हो गए। इसके बाद भी प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।