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Pilibhit News: इकलौते पुत्र के अंतिम दर्शन नहीं कर सकी मां
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बबलू के घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे लोग । स्रोत - ग्रामीण
पूरनपुर (पीलीभीत)। लखीमपुर खीरी में बाइक पर तार टूटकर गिरने से जान गंवाने वाले बबलू का शव दूसरे दिन मंगलवार को घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। उनकी बहन और भांजे के शव उनके गांव नीमगांव ले जाए गए। बबलू की मां बिंदिया देवी को गंभीर हालत के कारण इलाज के लिए सोमवार को ही लखनऊ ले जाया गया था। ऐसे में वह इकलौते पुत्र के अंतिम दर्शन नहीं कर सकीं।
थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव बहादुरपुर निवासी अंबरीश कुमार के दो पुत्रियों के अलावा इकलौता पुत्र बबलू था। उसकी दो जुलाई को शादी होनी थी। घर में खुशी का माहौल था। सोमवार को बबलू अपनी मां बिंदिया देवी को बाइक से लेकर बहन मंजू की ससुराल में शादी के कार्ड देने गया।
लौटते समय बहन मंजू, भांजा अनमोल, भांजी खुशी भी साथ हो लिए। बाइक पर पांच लोग सवार थे। लखीमपुर खीरी में बाइक पर बिजली का तार गिरने से बबलू, उसकी बहन मंजू, भांजे अनमोल की मौत हो गई थी। जबकि उसकी मां बिंदिया देवी, भांजी खुशी झुलस गए थे। गंभीर हालत होने के कारण बिंदिया देवी को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया।
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इधर पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को दिन में करीब दो बजे बबलू का शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। दिन में चार बजे गांव की पश्चिम दिशा के एक खेत में उसका अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि पिता अंबरीश ने दी।
बबलू के अंतिम संस्कार में ग्राम प्रधान श्रीपाल सहित काफी संख्या में लोग शामिल हुए। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख के प्रतिनिधि आशुतोष दीक्षित समेत कई लोगों ने बबलू के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
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थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव बहादुरपुर निवासी अंबरीश कुमार के दो पुत्रियों के अलावा इकलौता पुत्र बबलू था। उसकी दो जुलाई को शादी होनी थी। घर में खुशी का माहौल था। सोमवार को बबलू अपनी मां बिंदिया देवी को बाइक से लेकर बहन मंजू की ससुराल में शादी के कार्ड देने गया।
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लौटते समय बहन मंजू, भांजा अनमोल, भांजी खुशी भी साथ हो लिए। बाइक पर पांच लोग सवार थे। लखीमपुर खीरी में बाइक पर बिजली का तार गिरने से बबलू, उसकी बहन मंजू, भांजे अनमोल की मौत हो गई थी। जबकि उसकी मां बिंदिया देवी, भांजी खुशी झुलस गए थे। गंभीर हालत होने के कारण बिंदिया देवी को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया।
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इधर पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को दिन में करीब दो बजे बबलू का शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। दिन में चार बजे गांव की पश्चिम दिशा के एक खेत में उसका अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि पिता अंबरीश ने दी।
बबलू के अंतिम संस्कार में ग्राम प्रधान श्रीपाल सहित काफी संख्या में लोग शामिल हुए। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख के प्रतिनिधि आशुतोष दीक्षित समेत कई लोगों ने बबलू के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।