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Pilibhit News: लुढ़का पारा... सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, ठंड से कांपे लोग
Thu, 02 Jan 2025 12:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 02 Jan 2025 12:00 AM IST
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पीलीभीत में बुधवार को सुबह से आसमान में बादल छाएं रहे और ठंडी हवा चलती रही।संवाद
पीलीभीत। नए साल के पहले दिन मौसम अधिक ठंडा रहा। सर्द हवा चलने से ठंड बढ़ गई। गलन और ठिठुरन से लोग बेहाल हो गए। बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे। बचाव के लिए लोग अलाव व हीटर से खुद को ठंड से बचाने का प्रयास करते दिखे।
बुधवार को अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम में अबतक की सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। हवा से लोगों की कंपकपी छूट गई। सुबह से ही लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव तापते नजर आए और खुद को गर्म कपड़ों और शाॅल में समेटे दिखे। हालांकि कई स्थानों पर अलाव न जलने लोगों को परेशान होना पड़ा, लोग ठिठुरने को विवश रहे।
पांच से छह दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
तराई में अभी ठंड बढ़ने के आसार हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ एसएस ढाका ने बताया कि अभी पांच से छह दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। पछुआ हवा का प्रकोप बढ़ने से ठंड में इजाफा होगा। मौसम में गलन बनी रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
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गौहनिया और गैस चौराहा पर दिन में नहीं जले अलाव
ठंड का सितम बढ़ने से लोग बचाव करते नजर आ रहे हैं, लेकिन शहर में अलाव के चिह्नित स्थानों पर दिन में आग की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। बुधवार को भी ठंड के बावजूद गौहनिया चौराहा, गैस चौराहा पर अलाव में आग नहीं जल सकी। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा।
इन बातों का रखे ध्यान
- पर्याप्त सर्दियों के कपड़े पहनें।
- शीतलहर के दौरान फ्लू, बहती/भरी हुई नाक या नाक से खून आना जैसी समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
- घरों से बेवजह बाहर न निकलें और ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें।
- अपने सिर, गर्दन, हाथों और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से कवर करें।
- शरीर के तापमान का संतुलन बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार लें।
- नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पिएं।
- तेल, पेट्रोलियम जेली या बॉडी क्रीम से नियमित रूप से शरीर की मालिश करें।
- गैर-औद्योगिक इमारतों के लिए गर्मी इन्सुलेशन गाइडलाइन का पालन करें।
क्या न करें
- लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें।
- शराब न पीएं क्योंकि यह शरीर के तापमान को कम करती है।
- ठंड से प्रभावित अंग की मालिश न करें। इससे अधिक नुकसान हो सकता है।
- कंपकंपी को नजरअंदाज न करें।
कृषि फसलों में इन बातों का रखें ध्यान
शीतलहर और पाला फसलों को नुकसान पहुंचाता है। फसलों में काला रतुआ, सफेदा रतुआ पछेती-तुषार आदि रोग उत्पन्न होते हैं। ऐसे में बीमारी से रोकथाम के लिए बोर्डो मिश्रण या कॉपर ऑक्सी-क्लोराइड, फास्फोरस और पोटेशियम का फसलों पर छिड़काव करें। शीतलहर के दौरान जहां भी संभव हो हल्की और बार-बार सतही सिंचाई करें। बागवानी और बगीचों में इंटरक्रॉपिंग खेती का उपयोग करें।
चार दिन में ऐसे गिरा तापमान
रविवार अधिकतम 21.3 न्यूनतम- 11.2
सोमवार अधिकतम 19.4 न्यूनतम- 10.8
मंगलवार अधिकतम 17.2 न्यूनतम- 9.5
बुधवार अधिकतम 15.8 न्यूनतम- 9.6
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बुधवार को अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम में अबतक की सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। हवा से लोगों की कंपकपी छूट गई। सुबह से ही लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव तापते नजर आए और खुद को गर्म कपड़ों और शाॅल में समेटे दिखे। हालांकि कई स्थानों पर अलाव न जलने लोगों को परेशान होना पड़ा, लोग ठिठुरने को विवश रहे।
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पांच से छह दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
तराई में अभी ठंड बढ़ने के आसार हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ एसएस ढाका ने बताया कि अभी पांच से छह दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। पछुआ हवा का प्रकोप बढ़ने से ठंड में इजाफा होगा। मौसम में गलन बनी रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
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गौहनिया और गैस चौराहा पर दिन में नहीं जले अलाव
ठंड का सितम बढ़ने से लोग बचाव करते नजर आ रहे हैं, लेकिन शहर में अलाव के चिह्नित स्थानों पर दिन में आग की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। बुधवार को भी ठंड के बावजूद गौहनिया चौराहा, गैस चौराहा पर अलाव में आग नहीं जल सकी। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा।
इन बातों का रखे ध्यान
- पर्याप्त सर्दियों के कपड़े पहनें।
- शीतलहर के दौरान फ्लू, बहती/भरी हुई नाक या नाक से खून आना जैसी समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
- घरों से बेवजह बाहर न निकलें और ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें।
- अपने सिर, गर्दन, हाथों और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से कवर करें।
- शरीर के तापमान का संतुलन बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार लें।
- नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पिएं।
- तेल, पेट्रोलियम जेली या बॉडी क्रीम से नियमित रूप से शरीर की मालिश करें।
- गैर-औद्योगिक इमारतों के लिए गर्मी इन्सुलेशन गाइडलाइन का पालन करें।
क्या न करें
- लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें।
- शराब न पीएं क्योंकि यह शरीर के तापमान को कम करती है।
- ठंड से प्रभावित अंग की मालिश न करें। इससे अधिक नुकसान हो सकता है।
- कंपकंपी को नजरअंदाज न करें।
कृषि फसलों में इन बातों का रखें ध्यान
शीतलहर और पाला फसलों को नुकसान पहुंचाता है। फसलों में काला रतुआ, सफेदा रतुआ पछेती-तुषार आदि रोग उत्पन्न होते हैं। ऐसे में बीमारी से रोकथाम के लिए बोर्डो मिश्रण या कॉपर ऑक्सी-क्लोराइड, फास्फोरस और पोटेशियम का फसलों पर छिड़काव करें। शीतलहर के दौरान जहां भी संभव हो हल्की और बार-बार सतही सिंचाई करें। बागवानी और बगीचों में इंटरक्रॉपिंग खेती का उपयोग करें।
चार दिन में ऐसे गिरा तापमान
रविवार अधिकतम 21.3 न्यूनतम- 11.2
सोमवार अधिकतम 19.4 न्यूनतम- 10.8
मंगलवार अधिकतम 17.2 न्यूनतम- 9.5
बुधवार अधिकतम 15.8 न्यूनतम- 9.6