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धान की अधिक आवक से मंडी में लगा जाम
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 24 Oct 2016 11:49 PM IST
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धान की अधिक आवक से मंडी में लगा जाम
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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सोमवार को मंडी खुलने पर बड़ी संख्या में किसान धान लेकर पहुंचे। भारी आवक के चलते यहां जाम लग गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं सरकारी खरीद में अभी भी तेजी नहीं आई है। न तो राइस मिलों से एग्रीमेंट हुए हैं और न अब तक कंप्यूटर लैपटॉप उपलब्ध हुए हैं। इससे किसानों को पूरा दाम नहीं मिल पा रहा है।
दीपावली निकट होने के चलते किसानों ने धान की कटाई तेज कर दी है। इससे आवक बढ़ रही है। सुबह से ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियां मंडी पहुंचने लगी और 10 बजे तक मंडी के अंदर और बाहर मुख्य मार्ग पर जाम लग गया।
सरकारी खरीद में नहीं आई तेजी
एक ओर जहां धान कटाई और आवक में तेजी आई है वहीं सरकारी खरीद ठप है। मंडी में सरकारी क्रय केंद्रों पर सोमवार को खरीद होती नहीं दिखी। हालांकि विभागीय अधिकारी खरीद का दावा कर रहे हैं और इसके लिए आंकड़े भी दुरुस्त किए जा रहे हैं लेकिन मंडी में किसानों से सीधे खरीद न होने से उन्हें भटकना पड़ रहा है।
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आवक अधिक होने के बाद भी मद्दा
मंडी में आवक तेज होने और सरकारी खरीद न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। एक साथ काफी मात्रा में आवक होने के कारण धान के रेट सोमवार को सुबह कुछ देर उठने के बाद गिर गया। सुबह अच्छा धान 1200 रुपये तक खरीदा गया लेकिन जल्द ही रेट गिरकर 900 रुपये से 1045 तक रह गया।
खरीद के प्रति गंभीर नहीं अधिकारी
दरअसल धान का सीजन इससे जुड़े लोगों के लिए वरदान बनकर आता है। यहीं वजह है कि मिलीभगत के चलते मोटी कमाई के इस धंधे में सभी जमकर खेल करते हैं। यही कारण है कि आरएफसी के बाद आरएमओ के निर्देश के बाद भी राइस मिलर्स एवं क्रय एजेंसियों के बीच 24 दिन बाद भी एग्रीमेंट नहीं हुआ है। एग्रीमेंट न होने के साथ ही लैपटॉप भी अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। लैपटॉप और एग्रीमेंट न होने के बहाना बनाकर क्रय केंद्र प्रभारी किसानों को लौटा रहे हैं।
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दीपावली निकट होने के चलते किसानों ने धान की कटाई तेज कर दी है। इससे आवक बढ़ रही है। सुबह से ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियां मंडी पहुंचने लगी और 10 बजे तक मंडी के अंदर और बाहर मुख्य मार्ग पर जाम लग गया।
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सरकारी खरीद में नहीं आई तेजी
एक ओर जहां धान कटाई और आवक में तेजी आई है वहीं सरकारी खरीद ठप है। मंडी में सरकारी क्रय केंद्रों पर सोमवार को खरीद होती नहीं दिखी। हालांकि विभागीय अधिकारी खरीद का दावा कर रहे हैं और इसके लिए आंकड़े भी दुरुस्त किए जा रहे हैं लेकिन मंडी में किसानों से सीधे खरीद न होने से उन्हें भटकना पड़ रहा है।
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आवक अधिक होने के बाद भी मद्दा
मंडी में आवक तेज होने और सरकारी खरीद न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। एक साथ काफी मात्रा में आवक होने के कारण धान के रेट सोमवार को सुबह कुछ देर उठने के बाद गिर गया। सुबह अच्छा धान 1200 रुपये तक खरीदा गया लेकिन जल्द ही रेट गिरकर 900 रुपये से 1045 तक रह गया।
खरीद के प्रति गंभीर नहीं अधिकारी
दरअसल धान का सीजन इससे जुड़े लोगों के लिए वरदान बनकर आता है। यहीं वजह है कि मिलीभगत के चलते मोटी कमाई के इस धंधे में सभी जमकर खेल करते हैं। यही कारण है कि आरएफसी के बाद आरएमओ के निर्देश के बाद भी राइस मिलर्स एवं क्रय एजेंसियों के बीच 24 दिन बाद भी एग्रीमेंट नहीं हुआ है। एग्रीमेंट न होने के साथ ही लैपटॉप भी अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। लैपटॉप और एग्रीमेंट न होने के बहाना बनाकर क्रय केंद्र प्रभारी किसानों को लौटा रहे हैं।