फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The lack of lecturers in state colleges

प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रवक्ताओं की कमी होगी दूर

Sat, 14 Jan 2017 11:10 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Sat, 14 Jan 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
The lack of lecturers in state colleges
प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रवक्ताओं की कमी होगी दूर
निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि जिले में विज्ञान संकाय में पीजी कोर्स की कमी को जल्द पूरा किया जाएगा। अगले सत्र से रामलुभाई साहनी महिला महाविद्यालय में एमएससी कक्षाएं हर हाल में शुरू कराई जाएगी। प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रवक्ताओं की कमी को जल्द दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। शनिवार को रामलुभाई साहनी महिला महाविद्यालय में हुए सेमिनार के दौरान प्रेस वार्ता में डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि साइंस की कक्षाएं शुरू करने से पहले अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता है। इसके लिए भवन बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने प्राचार्य से तीन राजकीय निर्माण एजेंसियों के माध्यम से भवन का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। वहीं उपाधि महाविद्यालय में प्रवक्ताओं की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के काम न करने से प्रवक्ताओं की कमी बनी हुई थी, लेकिन अब आयोग ने कार्य करना शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि चुनाव आचार संहिता समाप्त होते ही प्लेसमेंट शुरू हो जाएगा। हाल ही 266 मानदेय शिक्षकों के आवेदन की सूची भेजी जा चुकी है। प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रवक्ताओं की कमी को पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। हाल ही में प्रदेश में 21 नए महाविद्यालयों के लिए स्टाफ भेजा गया है। जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा, ताकि उच्च शिक्षा को और भी बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने महिला महाविद्यालय में बीए की कक्षाएं शुरू कराने को प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. आरपी यादव, प्राचार्य डॉ. आरसी वाजपेई मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed