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Pilibhit News: डूबा मकान, अब दूध-दवा के लिए तरस रहे बच्चे

Thu, 11 Jul 2024 02:24 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 11 Jul 2024 02:24 AM IST
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The house is submerged, now the children are yearning for milk and medicine
ब्रजवती चौधरी।
पीलीभीत। जिले का बड़ा हिस्सा देवहा, खकरा और शारदा नदी की बाढ़ की चपेट में आने के बाद मूलभूत जरूरत की चीजों का भी संकट खड़ा हो गया है। मकान, खेत, दुकानें डूबने के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में रोटी के साथ छोटे बच्चों के लिए दवा और दूध का भी संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन की ओर से राहत के इंतजाम भी चंद इलाकों तक सीमित हैं।
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नानक सागर से 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सोमवार देर रात से जिले के हालात बिगड़ने शुरू हुए थे। हालांकि, अब कई जगह जलस्तर घट गया है मगर बाढ़ अपने पीछे जो हाल छोड़ गई है उससे लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। लोगों के पास पेट भरने के लिए राशन तक नहीं है।
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बड़े लोग तो फिर भी जैसे-तैसे गुजारा कर ले रहे हैं मगर, ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है। उन्हें न तो दूध मिल पा रहा है और न ही बीमार पड़ने पर दवाएं। शहर के बेनी चौधरी, फीलखाना, बल्लभनगर, बागगुलशेर खां, खकरा व शहर से सटे चंदोई गांव की करीब एक लाख आबादी दो दिन तक घरों की छतों पर कैद रहने पर मजबूर रही।
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यहां प्रशासन की ओर से वितरित की जा रही राहत सामग्री नहीं पहुंच सकी है। पूरनपुर और कलीनगर क्षेत्र में भी यहीं स्थिति रही। यहां भी करीब एक लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी रही, खाने का इंतजाम करने के दावे भी किए गए, लेकिन क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की राहत कुछ इलाकों तक ही सीमित रह गई।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से कम्यूनिटी किचन के तहत भोजन की व्यवस्था भी सभी जगह नहीं हो सकी है। कुछ इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप लगाकर दवाएं बांटी जा रही है, मगर लोगों का कहना है कि खाली पेट दवा खाने का भी क्या फायदा।
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संक्रामक बीमारियां फैलने की संभावना बढ़ी



बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब संक्रामक बीमारियां फैलने का डर है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास नाकाफी है। सिर्फ पूरनपुर और कलीनगर के कुछ इलाकों में कैंप लगाकर दवाएं बांटी जा रही हैं। ग्रामीण यहां फॉगिंग कराने की मांग कर रहे हैं।
सब्जी की खपत बढ़ी, आपूर्ति कम
मंडी समिति में तीन दिन से जलभराव के चलते सब्जियों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। बुधवार को पानी कुछ कम होने के बाद लोग मंडी पहुंचे मगर उन्हें सब्जियां नहीं मिल पाईं। जो विक्रेता जैसे-तैसे अपने वाहन मंडी तक ला पाए वह महंगे दाम पर ब्रिकी करते दिखे। व्यापारियों का कहना है कि अभी दो से तीन दिन तक समस्या बरकरार रहेगी। बाढ़ में खटीमा से संपर्क टूटने से भी सब्जियों की आपूर्ति पर असर पड़ा है।



बोले लोग, तबाही का मंजर छोड़ गई देवहा
फोटो 17

तीन दिन तक घर में पानी भरा रहा। वर्ष 2008 के बाद दोबारा ऐसी बाढ़ देखी। इस दौरान खाने पीने की दिक्कत से अधिक बच्चों के लिए दूध-दवा की हुई। - ब्रजवती चौधरी, बागगुलशेर खां



फोटो 18

जलभराव से घर में कैद रहने को मजबूर हो गए। बच्चों के लिए दूध और दवा की परेशानी आई। जलभराव के बीच जरूरी इंतजाम करने जाना पड़ा। - सुनील कुमार, लेखराज चौराहा




वर्जन
शहर समेत जिले के अन्य बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लगातार टीमें बचाव और राहत कार्य में जुटी हुई हैं। कम्युनिटी किचन से भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। बीमारी से बचाव के लिए दवा का छिड़काव भी शुरू करा दिया गया है। - ऋतु पूनिया, एडीएम, वित्त एवं राजस्व

ब्रजवती चौधरी।

ब्रजवती चौधरी।

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