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बाघिन के हमले में घायल बछिया की भी हुई मौत
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:01 PM IST
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बाघिन के हमले में घायल बछिया की भी हुई मौत
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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गांव पिपरिया संतोष में बाबूराम पर हमला कर मौत के घाट उतारने से पहले बाघिन ने नवदिया गांव में एक बछिया को घायल किया था। उसकी दूसरे दिन मौत हो गई। घटना के तीसरे दिन भी क्षेत्र में बाघिन को लेकर दहशत है।
सोमवार सुबह जंगल से निकली बाघिन ने पिपरिया संतोष निवासी 52 वर्षीय बाबूराम पर खेत में हमला कर मार डाला था। इसकी सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को जांच में पता चला कि बाघिन रविवार शाम से क्षेत्र में घूम रही थी। इस बाघिन ने पिपरिया संतोष के निकटवर्ती गांव नवदिया सुखदास निवासी राजेश्वर की पशुशाला में बंधी बछिया पर हमला कर घायल कर दिया था। किसान ने इसकी जानकारी वनकर्मियों को दी लेकिन किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया और न इलाज कराने की जरूरत महसूस की। इलाज के अभाव में बछिया की दूसरे दिन मौत हो गई। राजेश्वर ने इसकी जानकारी वनकर्मियों को भी दी है। उधर बाबूराम की मौत के बाद बाघिन के निकल भागने के बाद से क्षेत्र में दहशत है। रात को भी लोग जाग कर पहरा दे रहे हैं। इसके अलावा दूसरे दिन भी क्षेत्र के खेतों में गन्ने की छिलाई व गेहूं में सिंचाई का कार्य प्रभावित रहा। बुधवार को भी ग्रामीणों ने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल नहीं भेजा।
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सोमवार सुबह जंगल से निकली बाघिन ने पिपरिया संतोष निवासी 52 वर्षीय बाबूराम पर खेत में हमला कर मार डाला था। इसकी सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को जांच में पता चला कि बाघिन रविवार शाम से क्षेत्र में घूम रही थी। इस बाघिन ने पिपरिया संतोष के निकटवर्ती गांव नवदिया सुखदास निवासी राजेश्वर की पशुशाला में बंधी बछिया पर हमला कर घायल कर दिया था। किसान ने इसकी जानकारी वनकर्मियों को दी लेकिन किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया और न इलाज कराने की जरूरत महसूस की। इलाज के अभाव में बछिया की दूसरे दिन मौत हो गई। राजेश्वर ने इसकी जानकारी वनकर्मियों को भी दी है। उधर बाबूराम की मौत के बाद बाघिन के निकल भागने के बाद से क्षेत्र में दहशत है। रात को भी लोग जाग कर पहरा दे रहे हैं। इसके अलावा दूसरे दिन भी क्षेत्र के खेतों में गन्ने की छिलाई व गेहूं में सिंचाई का कार्य प्रभावित रहा। बुधवार को भी ग्रामीणों ने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल नहीं भेजा।
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