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Pilibhit News: दिव्यांगों की पीड़ा और बढ़ा रही विकलांग व्यवस्था
Tue, 16 Dec 2025 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 16 Dec 2025 12:09 AM IST
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दोनों पैरो से दिव्व्यांग नसीम बानो। संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल के आयुष विंग में लगे परीक्षण शिविर में अव्यवस्थाओं ने दिव्यांगजन का दर्द और बढ़ा दिया। सर्दी और घने कोहरे में कई किलोमीटर का सफर कर अस्पताल आए दिव्यांग रैंप पर घिसटकर चिकित्सक कक्ष तक पहुंचे। कुछ को परिजन सहारा देकर ले गए। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की व्यवस्था सिर्फ कागजों पर ही नजर आई। एक घंटे से अधिक समय तक चिकित्सक का इंतजार कर करना पड़ा। कुछ दिव्यांग दूसरी और तीसरी बार परीक्षण शिविर में पहुंचे थे।
प्रत्येक सोमवार को जिला अस्पताल के आयुष विंग में दिव्यांगजन परीक्षण शिविर का आयोजन होता है। इसमें दिव्यांगजन की जांच, दिव्यांगता का प्रतिशत और प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी की जाती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग, नाक-कान और गला रोग आदि के विशेषज्ञ चिकित्सक शिविर में आते हैं। सभी चिकित्सकों को समय से आकर दिव्यांगजन का परीक्षण करने के निर्देश हैं। मगर, यह निर्देश सिर्फ कागजों पर ही दौड़ते हैं। चिकित्सकों की मनमानी से दिव्यांगजन दिक्कत झेलते हैं।
सोमवार को शिविर की पड़ताल में दिव्यांगजन का दर्द समझने वाला कोई नजर नहीं आया। सुबह नौ बजे से ही दिव्यांगजन अस्पताल पहुंचने लगे थे। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर न मिलने पर आयुष विंग के बाहर से रैंप पर घिसटकर अंदर जाते दिखे। बैठने के लिए कुर्सी आदि की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कई दिव्यांग आयुष विंग के बाहर जमीन पर बैठे दिखे। दोनों पैरों व अन्य अंग दिव्यांगों को परिजनों ने कंधे का सहारा देकर चिकित्सक के पास पहुंचाया।
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शिविर में चक्कर लगा रहीं दोनों पैरों से दिव्यांग नसीम
शहर के मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी नसीम बानो सोमवार सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचीं। एक घंटे बाद 11 बजे तक उनका परीक्षण नहीं हो सका। पूछने पर बताया कि वह बीते सोमवार को भी आईं थीं। कोई न कोई कमी बताकर उनका दिव्यांग परीक्षण टरका दिया जाता है। आज फिर से शिविर में आई हैं। अब तक परीक्षण नहीं हो सका है।
फोटो :
सुबह करीब नौ बजे ही अस्पताल आ गए थे। मगर चिकित्सकों के न आने से शिविर देर से शुरू हुआ। अभी परीक्षण भी देरी से होगा। - बुद्धो देवी
फोटो:
व्हील चेयर व स्ट्रेचर कहीं नजर ही नहीं आया। हालांकि हम खुद के उपकरण लाए हैं। चिकित्सक कक्ष तक जाने में असुविधा हुई। - शना उल्लाह
वर्जन
दिव्यांगजन परीक्षण शिविर के लिए व्हील चेयर व स्ट्रेचर उपलब्ध कराए गए हैं। यह उपकरण दिव्यांगजन को क्यों नहीं मिले, जानकारी कर अगले सप्ताह व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। शिविर भी समय पर ही शुरू कराया जाएगा। - डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी
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प्रत्येक सोमवार को जिला अस्पताल के आयुष विंग में दिव्यांगजन परीक्षण शिविर का आयोजन होता है। इसमें दिव्यांगजन की जांच, दिव्यांगता का प्रतिशत और प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी की जाती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग, नाक-कान और गला रोग आदि के विशेषज्ञ चिकित्सक शिविर में आते हैं। सभी चिकित्सकों को समय से आकर दिव्यांगजन का परीक्षण करने के निर्देश हैं। मगर, यह निर्देश सिर्फ कागजों पर ही दौड़ते हैं। चिकित्सकों की मनमानी से दिव्यांगजन दिक्कत झेलते हैं।
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सोमवार को शिविर की पड़ताल में दिव्यांगजन का दर्द समझने वाला कोई नजर नहीं आया। सुबह नौ बजे से ही दिव्यांगजन अस्पताल पहुंचने लगे थे। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर न मिलने पर आयुष विंग के बाहर से रैंप पर घिसटकर अंदर जाते दिखे। बैठने के लिए कुर्सी आदि की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कई दिव्यांग आयुष विंग के बाहर जमीन पर बैठे दिखे। दोनों पैरों व अन्य अंग दिव्यांगों को परिजनों ने कंधे का सहारा देकर चिकित्सक के पास पहुंचाया।
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शिविर में चक्कर लगा रहीं दोनों पैरों से दिव्यांग नसीम
शहर के मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी नसीम बानो सोमवार सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचीं। एक घंटे बाद 11 बजे तक उनका परीक्षण नहीं हो सका। पूछने पर बताया कि वह बीते सोमवार को भी आईं थीं। कोई न कोई कमी बताकर उनका दिव्यांग परीक्षण टरका दिया जाता है। आज फिर से शिविर में आई हैं। अब तक परीक्षण नहीं हो सका है।
फोटो :
सुबह करीब नौ बजे ही अस्पताल आ गए थे। मगर चिकित्सकों के न आने से शिविर देर से शुरू हुआ। अभी परीक्षण भी देरी से होगा। - बुद्धो देवी
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व्हील चेयर व स्ट्रेचर कहीं नजर ही नहीं आया। हालांकि हम खुद के उपकरण लाए हैं। चिकित्सक कक्ष तक जाने में असुविधा हुई। - शना उल्लाह
वर्जन
दिव्यांगजन परीक्षण शिविर के लिए व्हील चेयर व स्ट्रेचर उपलब्ध कराए गए हैं। यह उपकरण दिव्यांगजन को क्यों नहीं मिले, जानकारी कर अगले सप्ताह व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। शिविर भी समय पर ही शुरू कराया जाएगा। - डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी

दोनों पैरो से दिव्व्यांग नसीम बानो। संवाद

दोनों पैरो से दिव्व्यांग नसीम बानो। संवाद

दोनों पैरो से दिव्व्यांग नसीम बानो। संवाद

दोनों पैरो से दिव्व्यांग नसीम बानो। संवाद