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Pilibhit News: सरकार दे रही कुश्ती को बढ़ावा, स्टेडियम में कोच तक नहीं

Wed, 07 Aug 2024 11:51 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2024 11:51 PM IST
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The government is promoting wrestling, there is no coach in the stadium
पीलीभीत। सरकार देश में कुश्ती को बढ़ावा दे रही है लेकिन उपेक्षा और संसाधनों के अभाव में जिले में यह खेल दम तोड़ता दिखाई दे रहा है। कारण है कि गांव से लेकर शहर तक कुश्ती के दाव-पेच दिखाने वाले होनहारों को कोई प्लेटफार्म नहीं मिल पा रहा है। और तो और स्टेडियम में भी उनको आगे बढ़ाने के लिए किसी कोच की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यह पहलवान स्कूलों में होने वाली प्रतियोगिताओं तक ही सीमित होकर रह गए हैं।
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कुश्ती का खेल अपने आप में बहुत ज्यादा रोमांचकारी होता है। इसे देखने के लिए काफी लोग उत्साहित रहते हैं। कुश्ती के दाव-पेच लोगों को एकाएक रोमांचित कर देते हैं। इस खेल को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है, यही नहीं ओलंपिक खेलों में भी भारत का कुश्ती में प्रदर्शन ठीकठाक रहा है लेकिन विडंबना है कि जिले में इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों का अभाव है।
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गांव-कस्बे में तीज-त्योहारों पर दंगलों का आयोजन तो होता है लेकिन इसके बाद पहलवानों को आगे हुनर दिखाने का मौका नहीं मिल पाता। गांधी स्टेडियम में वैसे तो अन्य खेलों को बढ़ावा देने के लिए कोच तैनात किए गए हैं लेकिन कुश्ती के लिए अब तक यहां पर कोई कोच तैनात नहीं है।
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ऐसे में पहलवानों के हाथ मायूसी ही लगती है। यह लोग दंगलों और स्कूल-कॉलेज में खेल प्रतियोगिताओं तक ही सीमित रह जाते हैं।
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गांधी स्टेडियम में 2013 से कोई कुश्ती का कोच नहीं हैं। कोच के लिए हर साल शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है।
- जयवीर, उप क्रीड़ा अधिकारी, गांधी स्टेडियम
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