Pilibhit News: पिंजरे में कैद हुई बाघिन... न्यूरिया में दहशत का अंत, 45 दिन बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
न्यूरिया क्षेत्र में इंसानों पर हमला कर दहशत फैलाने वाली बाघिन को पकड़ लिया गया। वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर उसे पिंजरे में कैद किया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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न्यूरिया क्षेत्र में नौ जून से बाघिन की दहशत थी। जंगल से दूरी बनाए बाघिन न्यूरिया क्षेत्र के मेवातपुर, टाह, सजैना, मंडरिया, फुलहर, महेशपुर, डंडिया से लेकर उत्तराखंड की सीमा तक चहलकदमी कर रही थी। गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बाघिन का लगातार आबादी क्षेत्र की ओर रुख को देख वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए अनुमति ली थी, लेकिन विभाग उसे नहीं पकड़ सका था। फिर 14 से 17 जुलाई के बीच बाघिन के चार इंसानों पर ताबड़तोड़ हमले की घटनाओं ने ग्रामीणों के साथ विभागीय अफसरों की नींद भी उड़ा दी थी। इसके बाद पकड़ने के प्रयास तेज किए गए थे।
जिले के अलावा मंडल स्तर के दो अफसरों ने मोर्चा संभाला। क्षेत्र की स्थित देख निगरानी का दायरा बढ़ाया गया। संसाधनों में इजाफा कर बाघिन की लोकेशन जानने के प्रयास किए, लेकिन गन्ने को अपना घर बनाए बाघिन विभाग की पकड़ से दूरी बनाए थी।
ड्रोन से देखी गई बाघिन की लोकेशन
बृहस्पतिवार को डंडिया गांव में देखे जाने के बाद अफसर गंभीर हुए। वन संरक्षक पीपी सिंह, प्रभारी फील्ड डायरेक्टर रमेश चंद्रा, डीएफओ मनीष सिंह और डीएफओ भरत कुमार डीके के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेंकुलाइज एक्सपर्ट ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति देखी। ड्रोन से बाघिन की मौजूदगी देखने के बाद उसको पकड़ने की योजना बनाई गई। अनुभवी अफसर और एक्सपर्ट की मौजूदगी में घेराबंदी कर दिन भर बाघिन से दूरी बनाई गई। शाम होते ही टीमें अलर्ट हुई। फिर बाघिन को बेहोश कर पिंजरे में कैद किया गया।
दिन भर छावनी बना रहा गांव, पुलिस ने ग्रामीणों पर पाया काबू
बाघिन की मौजूदगी दिखने के बाद उसके पकड़ने की योजना बनाई गई। किसी तरह की दिक्कतें सामने न आए, इसके लिए वन अफसरों ने ग्रामीणों को रोकने के लिए पुलिस का सहयोग लिया। एसपी के निर्देश पर न्यूरिया के अलावा सुनगढ़ी व कोतवाली से भी फोर्स गांव पहुंचा। गांव में अलग-अलग हिस्सों में पुलिस तैनात की गई। इसके बाद पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों को बाघिन की मौजूदगी वाले स्थान से पांच सौ मीटर दूर ही रोका गया।
पीटीआर के डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघिन की मौजूदगी देखे जाने के बाद एक किलोमीटर दायरे में घेराबंदी की गई थी। आला अफसर और एक्सपर्ट की मौजूदगी में योजना बनाकर बाघिन को पकड़ने के प्रयास किए गए। एक डॉट में बाघिन को सफलता पूर्वक बेहोश किया गया। एहतियात के तौर में दूसरी हल्की डॉट भी दी गई। रेस्क्यू करने के बाद बाघिन को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। मेडिकल टीम बाघिन के स्वास्थ्य का परीक्षण करेगी। हालांकि बाघिन स्वास्थ्य है।