{"_id":"64a1c4dbb96133e6460d3344","slug":"the-electrification-of-the-railway-track-in-the-forest-has-not-yet-been-approved-pilibhit-news-c-121-1-sbly1029-460-2023-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: जंगल में रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण की अब तक नहीं मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: जंगल में रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण की अब तक नहीं मिली मंजूरी
Mon, 03 Jul 2023 12:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 03 Jul 2023 12:11 AM IST
विज्ञापन
पीलीभीत मैलानी के ईस्टर्न रेलवे अमान परिवर्तन में माला स्टेशन पर बिछाई गई पटरिया।
पूरनपुर। रेलवे के अधिकारी दिसंबर तक आमान परिवर्तन का काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं। हालांकि काम जिस गति से चल रहा है, उसे देखकर नहीं लगता कि काम दिसंबर तक पूरा हो पाएगा। अभी तक तो शाहगढ़ से संडई और माला से पीलीभीत तक ट्रैक तैयार नहीं हो सका है। संडई हाल्ट से माला तक पटरी बिछाने की तो स्वीकृति मिल गई है, लेकिन विद्युतीकरण की अब तक मंजूरी नहीं मिली है। कुर्रैया हाल्ट और दूधिया खुर्द स्टेशन के बीच मात्र पौन किलोमीटर के वन क्षेत्र में ट्रैक के विद्युतीकरण की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।
मंडल में सर्वाधिक आय देने वाले पीलीभीत-मैलानी रेलखंड के बीच आमान परिवर्तन के लिए 31 मई 2018 को मीटर गेज लाइन पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद मैलानी-पीलीभीत के बीच ब्राड गेज लाइन बिछा दी गई। मैलानी से शाहगढ़ के बीच पटरी डालने का काम करीब पौने दो साल पहले पूरा हो चुका है। इस पर इलेक्ट्रानिक ट्रेनें चलाने के लिए मैलानी से कुर्रैया हाल्ट तक का विद्युतीकरण का काम भी पूरा हो गया। कुर्रैया हाल्ट और दूधिया खुर्द के बीच करीब पौन किलोमीटर जंगल में वन विभाग की आपत्ति के चलते विद्युतीकरण का काम रुका हुआ है। काम कब शुरू होगा, इस पर कोई अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। ट्रेनें न चलने से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोष है।
०००००००
माला जंगल में ट्रैक के विद्युतीकरण के लिए नहीं मिली स्वीकृत
माला जंगल क्षेत्र में वन विभाग से एनओसी न मिलने से कई साल तक पटरी डालने का काम भी रुका रहा। अब पटरी बिछाने का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन ट्रैक के विद्युतीकरण की स्वीकृत नहीं मिल सकी है। माला से पीलीभीत और शाहगढ़ से संडई हाल्ट तक भी ट्रैक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। पीलीभीत-माला के बीच पुल नंबर 265 के कई महीने की कोशिश के बाद अब तक पिलर भी नहीं बन सके हैं। यहां से मशीनों को अब माला जंगल में नदी के ऊपर पुल बनाने के लिए भेज दिया गया है। बारिश शुरू चुकी है। ऐसे में कुछेक दिन में काम रुकने के आसार है। लोगों का कहना है कि इस तरह से काम चलता रहा तो दिसंबर तक रेलवे ट्रैक नहीं बन पाएगा।
विज्ञापन
वर्जन
पीलीभीत-मैलानी के बीच आमान परिवर्तन का काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। काम तेजी से किया जा रहा है। - राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे
विज्ञापन
मंडल में सर्वाधिक आय देने वाले पीलीभीत-मैलानी रेलखंड के बीच आमान परिवर्तन के लिए 31 मई 2018 को मीटर गेज लाइन पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद मैलानी-पीलीभीत के बीच ब्राड गेज लाइन बिछा दी गई। मैलानी से शाहगढ़ के बीच पटरी डालने का काम करीब पौने दो साल पहले पूरा हो चुका है। इस पर इलेक्ट्रानिक ट्रेनें चलाने के लिए मैलानी से कुर्रैया हाल्ट तक का विद्युतीकरण का काम भी पूरा हो गया। कुर्रैया हाल्ट और दूधिया खुर्द के बीच करीब पौन किलोमीटर जंगल में वन विभाग की आपत्ति के चलते विद्युतीकरण का काम रुका हुआ है। काम कब शुरू होगा, इस पर कोई अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। ट्रेनें न चलने से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोष है।
विज्ञापन
०००००००
माला जंगल में ट्रैक के विद्युतीकरण के लिए नहीं मिली स्वीकृत
माला जंगल क्षेत्र में वन विभाग से एनओसी न मिलने से कई साल तक पटरी डालने का काम भी रुका रहा। अब पटरी बिछाने का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन ट्रैक के विद्युतीकरण की स्वीकृत नहीं मिल सकी है। माला से पीलीभीत और शाहगढ़ से संडई हाल्ट तक भी ट्रैक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। पीलीभीत-माला के बीच पुल नंबर 265 के कई महीने की कोशिश के बाद अब तक पिलर भी नहीं बन सके हैं। यहां से मशीनों को अब माला जंगल में नदी के ऊपर पुल बनाने के लिए भेज दिया गया है। बारिश शुरू चुकी है। ऐसे में कुछेक दिन में काम रुकने के आसार है। लोगों का कहना है कि इस तरह से काम चलता रहा तो दिसंबर तक रेलवे ट्रैक नहीं बन पाएगा।
विज्ञापन
वर्जन
पीलीभीत-मैलानी के बीच आमान परिवर्तन का काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। काम तेजी से किया जा रहा है। - राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे