फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The disease of delay is causing pain... the medicine of trust is breaking

Pilibhit News: देरी का मर्ज दे रहा दर्द... टूट रही विश्वास की औषधि

Thu, 16 Oct 2025 11:37 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 16 Oct 2025 11:37 PM IST
विज्ञापन
The disease of delay is causing pain... the medicine of trust is breaking
बहिरंग संख्या 14 के चि​कित्सक का इंतजार करते मरीज। संवाद - फोटो : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।
पीलीभीत। चिकित्सकाें की लेटलतीफी, जांच और इलाज में देरी से मरीजों ने शहर के सबसे पुराने आयुर्वेदिक काॅलेज से दूरी बनानी शुरू कर दी है। कुछ पहले तक एक हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी वाले इस अस्पताल में चार से पांच सौ मरीज ही पहुंच रहे हैं। मरीजों का आंकड़ा गिर रहा है। मगर, चिकित्सकों की लेटलतीफी का मर्ज अब तक दूर नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार सुबह नौ से 10 बजे तक की गई पड़ताल में चिकित्सकों की कुर्सी खाली और मरीज पर्चा लेकर भटकते दिखे। अस्पताल में कार्ड से डेंगू की जांच भी नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार सुबह 9:12 बजे आत्यायिक चिकित्सा कक्ष में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। बाहर खड़े मरीज इंतजार कर रहे थे। मरीजों ने बताया कि काफी देर से इंतजार कर रहे हैं। गठिया ओपीडी के चिकित्सक की कुर्सी भी सुबह 9:18 बजे खाली थी । यहां भी कई मरीज पहुंचे थे। चिकित्सक के न मिलने पर लौट गए। सुबह 9:22 बजे बहिरंग कक्ष चिकित्सक की कुर्सी खाली थी। महिला मरीज डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहीं थीं। हालांकि कक्ष संख्या-15 में डॉ. सुरजीत मरीजों का इलाज कर रहे थे। कई मरीजों को परामर्श भी दे चुके थे।
विज्ञापन


कक्ष से बरामदे तक बैठे थे मरीज, डॉक्टर का पता नहीं
सुबह 9:42 बजे बहिरंग कक्ष संख्या 14 में बरामदे से लेकर चिकित्सक कक्ष तक करीब 15 मरीज बैठे थे। काफी देर से चिकित्सक का इंतजार हो रहा था। ओपीडी शुरू होने के पौन घंटे बीतने के बाद भी चिकित्सक नहीं पहुंचे। पूछने पर मरीजों का कहना था कि इंतजार ही कर सकते हैं। अभी तो कोई आया नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ओपीडी का समय नौ बजे, 24 चिकित्सकों की तैनाती

राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में 24 नियमित चिकित्सकों की तैनाती है। 12 अन्य चिकित्सक भी हैं। अस्पताल की ओपीडी का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक है। अस्पताल के अलावा कुछ चिकित्सकों काे प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाना भी होता है। मौजूदा समय में ओपीडी में आने वाले मरीजों का आंकड़ा चार से पांच सौ रहता है। कुछ वर्ष पूर्व तक यह संख्या एक हजार तक रहती थी।

---
फोटो:
समय से अस्पताल गए थे। पैराें के जोड़ों में लगातार दर्द रहता है। आधे घंटे से इंतजार कर रहे हैं। पता नहीं डॉक्टर कब आएं। - प्रेमवती, जोगीठेर

फोटो
कमर और जोड़ों में दर्द की समस्या है। कई दिन से परेशान हैं। सुबह नौ बजे ही आ गए थे। आधे घंटे से ज्यादा हो गया है। चिकित्सक अभी आए नहीं है। इंतजार कर रहे हैं।- महेश, तकिया


वर्जन
चिकित्सकों को सुबह नौ बजे ओेपीडी में पहुंचने का निर्देश जारी किया गया है। ओपीडी के समय की जांच की जाएगी। लेटलतीफ आने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में डेंगू काे छोड़कर खून और अन्य जांचें हो रहीं हैं। दवाओं की उपलब्धता है। अस्पताल की ओपीडी में चार से पांच सौ मरीज आ रहे हैं। कुछ माह पूर्व यह आंकड़ा सात सौ तक पहुंच गया था। - डॉ. एसएस बेदार, प्राचार्य आयुर्वेदिक कॉलेज

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक  का इंतजार करते मरीज। संवाद

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक का इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक  का इंतजार करते मरीज। संवाद

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक का इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक  का इंतजार करते मरीज। संवाद

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक का इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक  का इंतजार करते मरीज। संवाद

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक का इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक  का इंतजार करते मरीज। संवाद

बहिरंग संख्या 14 के चिकित्सक का इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed