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Pilibhit News: डिपो कर रहा पत्राचार, खाटू श्याम व बालाजी के यात्री निजी बसों के भरोसे
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पीलीभीत। विभागीय अधिकारियों की हीलाहवाली से राजस्थान के खाटू श्याम व बालाजी दरबार के लिए रोडवेज बसों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे इस मार्ग पर निजी बस संचालक हावी हैं। परिवहन निगम पिछले छह माह से इस मार्ग पर बस संचालन के नाम पर सिर्फ पत्राचार ही कर रहा है।
स्थानीय डिपो से 112 बसें संचालित हैं। यात्रियों की सुविधाओं का दावा किया जा रहा है। मौजूदा समय में जिले से हजारों की संख्या में यात्री राजस्थान के खाटू श्याम, बालाजी, पुष्कर सहित अन्य धार्मिक स्थानों के लिए जाते हैं। कुछ एक यात्री ऐसे हैं जो हर माह दरबार में पहुंचते हैं। यात्रियों की संख्या को देखते हुए स्थानीय डिपो को अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद इस मार्ग पर बस संचालन की सहमति बनी। इसके बाद विभागीय स्तर से राजस्थान के लिए पत्राचार शुरू किया गया, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी इस मार्ग पर बस संचालित न हो सकी। इससे यात्रियों को निजी बस संचालकों का सहारा लेना पड़ता है। निजी बस संचालक यात्रियों से दोगुने रुपये वसूल कर उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं को दरकिनार करते हैं।
आए दिन निजी बस संचालक व यात्रियों में होता है विवाद
राजस्थान के जयपुर, अजमेर सहित अन्य जगहों में जिले के काफी संख्या में मुस्लिम लोग व्यापार करने भी जाते हैं। पर्व पर महीने में आना जाना भी रहता है। ऐसे में निजी बस संचालक व यात्रियों में विवाद भी होता है। पिछले वर्ष टाइगर तिराहे पर सवारियों को चालकों ने जमकर पीटा था।
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विभागीय अधिकारियों से पत्राचार शुरू किया गया है। अभी वहां से परमिट नहीं मिल सका है। विभागीय कार्रवाई पूरी होते ही बस का संचालन शुरू हो जाएगा।- प्रदीप बाजपेई, संचालन प्रभारी, डिपो
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स्थानीय डिपो से 112 बसें संचालित हैं। यात्रियों की सुविधाओं का दावा किया जा रहा है। मौजूदा समय में जिले से हजारों की संख्या में यात्री राजस्थान के खाटू श्याम, बालाजी, पुष्कर सहित अन्य धार्मिक स्थानों के लिए जाते हैं। कुछ एक यात्री ऐसे हैं जो हर माह दरबार में पहुंचते हैं। यात्रियों की संख्या को देखते हुए स्थानीय डिपो को अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद इस मार्ग पर बस संचालन की सहमति बनी। इसके बाद विभागीय स्तर से राजस्थान के लिए पत्राचार शुरू किया गया, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी इस मार्ग पर बस संचालित न हो सकी। इससे यात्रियों को निजी बस संचालकों का सहारा लेना पड़ता है। निजी बस संचालक यात्रियों से दोगुने रुपये वसूल कर उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं को दरकिनार करते हैं।
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आए दिन निजी बस संचालक व यात्रियों में होता है विवाद
राजस्थान के जयपुर, अजमेर सहित अन्य जगहों में जिले के काफी संख्या में मुस्लिम लोग व्यापार करने भी जाते हैं। पर्व पर महीने में आना जाना भी रहता है। ऐसे में निजी बस संचालक व यात्रियों में विवाद भी होता है। पिछले वर्ष टाइगर तिराहे पर सवारियों को चालकों ने जमकर पीटा था।
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विभागीय अधिकारियों से पत्राचार शुरू किया गया है। अभी वहां से परमिट नहीं मिल सका है। विभागीय कार्रवाई पूरी होते ही बस का संचालन शुरू हो जाएगा।- प्रदीप बाजपेई, संचालन प्रभारी, डिपो