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Pilibhit News: यूरिया लेने वाले 28 व्यक्तियों के बारे में विभाग को नहीं मिल सकी जानकारी
Thu, 18 Sep 2025 01:30 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 18 Sep 2025 01:30 AM IST
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पीलीभीत। जमीन के सापेक्ष अधिक यूरिया लेने वाले 28 लोगों के बारे में विभाग को जानकारी नहीं मिल सकी है।
जिले में यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है, इससे जिले के हर किसान को जमीन के सापेक्ष खाद मुहैया कराई जा सके। इसके बाद भी खाद व्यापारियों की ओर से कालाबाजारी करने में कोई भी कमी नहीं छोड़ी जा रही है। हालांकि खाद खरीद का पूरा ब्योरा विभागीय बेवसाइट पर अपलोड कराया जा रहा है।
कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए अफसरों की ओर से बेवसाइट पर अपलोड किए गए 192 संदिग्ध किसानों को चिह्नित किया गया। जिन पर जमीन से अधिक खाद लेने का संभावना जताई गई। विभागीय टीम की ओर से इनकी जांच कराई गई। इसमें करीब 28 किसान ऐसे पाए गए, इनके नाम, पिता के नाम व पता आदि में खेल किया गया है।
जांच में इन किसानों का कोई भी पता नहीं चल सका है। वहीं शेष 164 किसानों पर जमीन के सापेक्ष यूरिया खाद लेने के विभाग को साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। अब विभाग इन 28 किसानों को गोपनीयता से जांच कर रहा है। कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि 28 किसान ऐसे मिले हैं, जिनका ब्योरा गलत तरह से अपलोड किया गया है। शेष किसानों पर जमीन के सापेक्ष ही जमीन उपलब्ध कराई गई है।
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जिले में यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है, इससे जिले के हर किसान को जमीन के सापेक्ष खाद मुहैया कराई जा सके। इसके बाद भी खाद व्यापारियों की ओर से कालाबाजारी करने में कोई भी कमी नहीं छोड़ी जा रही है। हालांकि खाद खरीद का पूरा ब्योरा विभागीय बेवसाइट पर अपलोड कराया जा रहा है।
कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए अफसरों की ओर से बेवसाइट पर अपलोड किए गए 192 संदिग्ध किसानों को चिह्नित किया गया। जिन पर जमीन से अधिक खाद लेने का संभावना जताई गई। विभागीय टीम की ओर से इनकी जांच कराई गई। इसमें करीब 28 किसान ऐसे पाए गए, इनके नाम, पिता के नाम व पता आदि में खेल किया गया है।
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जांच में इन किसानों का कोई भी पता नहीं चल सका है। वहीं शेष 164 किसानों पर जमीन के सापेक्ष यूरिया खाद लेने के विभाग को साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। अब विभाग इन 28 किसानों को गोपनीयता से जांच कर रहा है। कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि 28 किसान ऐसे मिले हैं, जिनका ब्योरा गलत तरह से अपलोड किया गया है। शेष किसानों पर जमीन के सापेक्ष ही जमीन उपलब्ध कराई गई है।
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