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Pilibhit News: बिना खाद्य लाइसेंस दुकान के संचालक को कोर्ट ने माना दोषी, सदाचरण की परिवीक्षा पर किया रिहा
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पीलीभीत। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीलीभीत के पीठासीन अधिकारी सुंदर पाल ने बिना वैध लाइसेंस के खाद्य पदार्थों की बिक्री करने के एक मामले में आरोपी रमेश कुमार को दोषी करार दिया है। हालांकि, न्यायालय ने आरोपी के प्रथम अपराध और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उसे कठोर कारावास की सजा देने के बजाय अपराधी परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए सदाचरण की परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
अभियोजन के अनुसार, 12 जून 2006 को तत्कालीन खाद्य निरीक्षक अशोक कुमार ने बीसलपुर स्थित सब्जी मंडी में रमेश कुमार की किराना दुकान का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान पाया कि आरोपी बिना वर्ष 2006-07 के वैध खाद्य लाइसेंस के तेल, दालें, मसाले और बिस्कुट जैसे खाद्य पदार्थ बेच रहा था। दुकान पर उसके पिता के नाम का पुराना (वर्ष 2005-06) लाइसेंस मिला, जो कि समाप्त हो चुका था।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अनुशीलन करने के बाद आरोपी को ''खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954'' के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपी को एक वर्ष के लिए जिला परिवीक्षा अधिकारी की निगरानी में रहने का आदेश दिया है। संवाद
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अभियोजन के अनुसार, 12 जून 2006 को तत्कालीन खाद्य निरीक्षक अशोक कुमार ने बीसलपुर स्थित सब्जी मंडी में रमेश कुमार की किराना दुकान का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान पाया कि आरोपी बिना वर्ष 2006-07 के वैध खाद्य लाइसेंस के तेल, दालें, मसाले और बिस्कुट जैसे खाद्य पदार्थ बेच रहा था। दुकान पर उसके पिता के नाम का पुराना (वर्ष 2005-06) लाइसेंस मिला, जो कि समाप्त हो चुका था।
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न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अनुशीलन करने के बाद आरोपी को ''खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954'' के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपी को एक वर्ष के लिए जिला परिवीक्षा अधिकारी की निगरानी में रहने का आदेश दिया है। संवाद
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