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Pilibhit News: सुआबोझ में घपलेबाजी की गठित समिति ने पहुंच कर की जांच
Wed, 02 Jul 2025 11:56 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 02 Jul 2025 11:56 PM IST
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पूरनपुर। ग्राम पंचायत सुआबोझ में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधान के अधिकार सीज होने के मामले में गठित समिति ने गांव पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता, ग्राम पंचायत अधिकारी, पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान आदि मौजूद थे। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
ग्राम पंचायत में मरम्मत कार्यों में अनियमितता, बगैर नीलाम कराए पेड़ों की बिक्री, प्रधान के अधिक मानदेय निकालने, ठेली मरम्मत के नाम पर अधिक धनराशि निकालने आदि की शिकायत डीएम से की गई थी। शुरूआती जांच में गड़बड़ी मिलने पर प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये वसूली के आदेश दिए गए थे। डीएम ने प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज किए थे। डीएम ने परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। बुधवार को जांच समिति गांव पहुंची। ग्राम पंचायत सचिवालय में शिकायत की जांच की। जांच के समय ग्राम पंचायत सचिव, पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव महेंद्र सिंह, नागेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार और प्रधान बाबूराम को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए। परियोजना निदेशक पवन कुमार सिंह ने बताया कि प्रधान के अधिक मानदेय निकालने, ठेलिया मरम्मत के नाम पर धनराशि निकालने, ग्राम पंचायत के पेड़ों का बगैर नीलामी बिक्री करने आदि के आरोप पर जांच की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता और प्रधान ने अपने अपने पक्ष रखे। अभिलेखीय जांच के बाद गांव में घूमकर कराए गए कार्यों का सत्यापन भी किया गया। उन्होंने बताया कि जांच पूरी कर ली गई। रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
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ग्राम पंचायत में मरम्मत कार्यों में अनियमितता, बगैर नीलाम कराए पेड़ों की बिक्री, प्रधान के अधिक मानदेय निकालने, ठेली मरम्मत के नाम पर अधिक धनराशि निकालने आदि की शिकायत डीएम से की गई थी। शुरूआती जांच में गड़बड़ी मिलने पर प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये वसूली के आदेश दिए गए थे। डीएम ने प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज किए थे। डीएम ने परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। बुधवार को जांच समिति गांव पहुंची। ग्राम पंचायत सचिवालय में शिकायत की जांच की। जांच के समय ग्राम पंचायत सचिव, पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव महेंद्र सिंह, नागेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार और प्रधान बाबूराम को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए। परियोजना निदेशक पवन कुमार सिंह ने बताया कि प्रधान के अधिक मानदेय निकालने, ठेलिया मरम्मत के नाम पर धनराशि निकालने, ग्राम पंचायत के पेड़ों का बगैर नीलामी बिक्री करने आदि के आरोप पर जांच की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता और प्रधान ने अपने अपने पक्ष रखे। अभिलेखीय जांच के बाद गांव में घूमकर कराए गए कार्यों का सत्यापन भी किया गया। उन्होंने बताया कि जांच पूरी कर ली गई। रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
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