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कागजों में होगी धान की कमीशन खरीद
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:30 PM IST
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धान खरीद में शासन की नीति से भलेकिसानों को लाभ न हुआ हो, लेकिन इससे जुड़े लोगों की पौ बारह है। पहले मिल में स्टाक धान कागजों में चढ़ाकर सरकारी खरीद दर्शायी जा रही थी। अब कमीशन खरीद के नाम पर खेल होगा। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले में 150 आढ़तियों के लाइसेंस जारी किए हैं। जबकि अभी कई फाइलें स्वीकृति को पड़ी हैं। शासन के निर्देश पर जिले में पहली अक्तूबर से धान खरीद शुरू हुई थी। प्रारंभ में धान में नमी बताकर किसानों का सरकारी मशीनरी नहीं खरीदा, जबकि उसी धान को व्यापारियों ने 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद कर गोदाम व मिलों में स्टाक कर लिया। 15 नवंबर तक यह खेल चला, जिसमें किसानों का लगभग 95 प्रतिशत धान खरीदा गया। किसानों के पास धान खत्म होने के बाद सरकारी धान खरीद में एकाएक तेजी आई। दरअसल सरकारी खरीद के नाम पर मिलों में स्टाक धान को अभिलेखों में दर्ज कर खरीद दर्शाकर मोटी कमाई की गई। अब दिसंबर माह के अंत में जबकि किसानों के नाम मात्र का भी धान नहीं है कमीशन खरीद के आदेश कर दिए। इसमें आढ़तियों को ढाई प्रतिशत कमीशन देना बताया जा रहा है। कमीशन खरीद के आदेश होते ही लाइसेंस पाने को आवेदन जमा होने लगे। इसके लिए शासन ने लगभग 150 लाइसेंस जारी कर दिए है। सूत्रों की मानें तो अभी और भी आवेदन लंबित हैं जिन्हें एक दो दिन में आदेश मिल जाएगा। कमीशन पर धान खरीद होने से किसानों को जरा भी लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन व्यापारियों द्वारा मिल और गोदामों में जमा धान को कमीशन खरीद में दर्शाकर लाखों का खेल किया जाएगा।
कमीशन धान खरीद को शासन के निर्देश पर प्रशासन ने आवेदन मांगे थे जिसपर एडीएम ने 150 लाइसेंस जारी किए हैं।
कांती राठौर, डिप्टी आरएमओ
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कमीशन धान खरीद को शासन के निर्देश पर प्रशासन ने आवेदन मांगे थे जिसपर एडीएम ने 150 लाइसेंस जारी किए हैं।
कांती राठौर, डिप्टी आरएमओ