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Pilibhit News: छह साल से काॅलेज का भवन तैयार, फिर भी अधूरी संचालन की आस
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माधोटांडा स्थित आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज का गेट।संवाद
कलीनगर। ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को बेहतर शिक्षा देने के लिए करोड़ों की लागत से बने राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर काॅलेज का भवन तैयार होने के छह साल बाद भी वहां संचालन शुरू नहीं हो सका। फिनिशिंग का कार्य अधूरा होने से हैंडओवर की प्रक्रिया अटकी हुई है। पूर्व में निरीक्षण को आए समाज कल्याण मंत्री के आश्वासन का भी असर नहीं हो पाया है।
माधोटांडा और उसके आसपास इलाके की बालिकाओं के लिए राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय अब एक सपना बनकर रह गया है। यह स्थिति तब है जब शासन 12 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। फिनिशिंग के कार्य के लिए चार करोड़ रुपये का आवंटन नहीं होने की वजह से छह वर्ष से काम ठप है।
वर्ष 2015 में सपा सरकार में तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद ने माधोटांडा के लिए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का शिलान्यास किया था। शिलान्यास के शिलालेख पर उनका नाम है। यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड संस्था को भवन निर्माण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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इस पर अब तक 12 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। वर्ष 2018 में एस्टीमेट संशोधित करते हुए करीब चार करोड़ रुपये शासन से मांगे गए थे। जिसका आवंटन नहीं हो सका है। क्षेत्रीय लोगों की मांग के बाद करीब एक साल पूर्व निरीक्षण को पहुंचे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बजट जारी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद भी संचालन की आस पूरी नहीं हो सकी। काम ठप है। अधूरी पड़ी इमारत की देखरेख के लिए चौकीदार रखा गया है। एक माह पूर्व भवन की रंगाई-पुताई कराई गई है।
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कब क्या हुआ
- छह मई 2015 को राज्य सरकार के तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री ने शिलान्यास किया।
- छह जुलाई 2018 को एस्टीमेट संशोधित हुआ और लागत 1587.60 लाख बढ़कर 1606.64 लाख रुपये पहुंची अब 393.77 लाख रुपये न मिलने की वजह से 2018 से काम बंद है, क्षेत्र के लोग स्कूल संचालित होने का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद को भी लोगों ने ज्ञापन देकर काॅलेज के संचालन की मांग की है।
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आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। छह करोड़ की धनराशि आना शेष है। इस धनराशि से शिक्षकों के रहने के लिए और फर्नीचर के साथ ही विद्यार्थियों के लिए गद्दे आदि खरीदे जाएंगे। इसके बाद हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- चंद्रमोहन विश्नोई, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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माधोटांडा और उसके आसपास इलाके की बालिकाओं के लिए राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय अब एक सपना बनकर रह गया है। यह स्थिति तब है जब शासन 12 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। फिनिशिंग के कार्य के लिए चार करोड़ रुपये का आवंटन नहीं होने की वजह से छह वर्ष से काम ठप है।
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वर्ष 2015 में सपा सरकार में तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद ने माधोटांडा के लिए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का शिलान्यास किया था। शिलान्यास के शिलालेख पर उनका नाम है। यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड संस्था को भवन निर्माण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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इस पर अब तक 12 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। वर्ष 2018 में एस्टीमेट संशोधित करते हुए करीब चार करोड़ रुपये शासन से मांगे गए थे। जिसका आवंटन नहीं हो सका है। क्षेत्रीय लोगों की मांग के बाद करीब एक साल पूर्व निरीक्षण को पहुंचे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बजट जारी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद भी संचालन की आस पूरी नहीं हो सकी। काम ठप है। अधूरी पड़ी इमारत की देखरेख के लिए चौकीदार रखा गया है। एक माह पूर्व भवन की रंगाई-पुताई कराई गई है।
कब क्या हुआ
- छह मई 2015 को राज्य सरकार के तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री ने शिलान्यास किया।
- छह जुलाई 2018 को एस्टीमेट संशोधित हुआ और लागत 1587.60 लाख बढ़कर 1606.64 लाख रुपये पहुंची अब 393.77 लाख रुपये न मिलने की वजह से 2018 से काम बंद है, क्षेत्र के लोग स्कूल संचालित होने का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद को भी लोगों ने ज्ञापन देकर काॅलेज के संचालन की मांग की है।
आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। छह करोड़ की धनराशि आना शेष है। इस धनराशि से शिक्षकों के रहने के लिए और फर्नीचर के साथ ही विद्यार्थियों के लिए गद्दे आदि खरीदे जाएंगे। इसके बाद हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- चंद्रमोहन विश्नोई, जिला समाज कल्याण अधिकारी