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Pilibhit News: पीटीआर में बाघों की दहाड़ के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट

Fri, 05 Jan 2024 12:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jan 2024 12:44 AM IST
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The chirping of birds echoes with the roar of tigers in PTR.
जार्डन बुशचैट । स्रोत - पक्षी प्रेमी
राष्ट्रीय पक्षी दिवस आज
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- 300 से अधिक है पक्षियों का साम्राज्य, 12 दुर्लभ प्रजातियां भी शामिल
- साइबेरियन पक्षियों की मौजूदगी से सुंदर दिखता है शारदा डैम का नजारा

संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। पीटीआर की हरियाली न सिर्फ बाघों बल्कि पक्षियों के लिए भी मुफीद है। यहां जंगल में बाघों की दहाड़ के साथ चिड़ियों की चहचहाहट भी गूंजती है। तीन सौ से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पीटीआर की सुंदरता को बढ़ाती हैं। इसमें स्वाम्प फ्रानकोलिन, हागसन स्टोनचैट समेत 12 दुर्लभ प्रजातियां भी शामिल हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल हरियाली के साथ अनुकूल वातावरण को लेकर हमेशा आगे रहा है। वन्यजीवों को जंगल की आवोहवा पसंद आ रही है। बाघों का कुनबा बढ़ रहा है तो दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों का कलरव जंगल की शोभा और बढ़ाता है।
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यहां करीब 300 प्रजाति के पक्षी प्रवास करते है। इसमें दुर्लभ बंगाल फ्लोरिकन भी शामिल है। इस अदभुत पक्षी को पीटीआर के महोफ और बराही रेंज में आसानी से देखा जा सकता है।
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इसके अलावा जार्डन बुशचैट पक्षी, स्वाम्प फ्रेकोलिन, हागसन स्टोनचैट, वेस्ट हिमालयन बुश वार्वलर, स्लेटी वुडपैकर समेत अन्य दुर्लभ पक्षियों भी पीटीआर में पाए जाते हैं। पक्षियों पर काम कर रहे अख्तर मियां का कहना है कि पीटीआर का जंगल पक्षियों के लिए मुफीद है। तीन सौ से अधिक प्रजातियां यहां प्रवास करतीं हैं। पीटीआर में गिद्धों की संख्या भी बढ़ रही है। यहां 250 से अधिक गिद्ध हैं। इनमें सात प्रजातियां शामिल है।

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शारदा डैम की शोभा बढ़ाते हैं साइबेरियन पक्षी
हर साल ठंड शुरू होने के बाद अन्य देशों से यहां साइबेरियन पक्षी पहुंचते हैं। करीब तीन माह तक डैम में मेहमान पक्षियों की मौजूदगी दिखाई देती है। झुंड के रूप में मेहमान पक्षी आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। हालांकि पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त न होने से अब साइबेरियन पक्षियों की संख्या कम होती चली जा रही है।
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