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घनी आबादी में हो रहा था पटाखों का कारोबार, बेखबर रहे अफसर
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जहानाबाद के मोहल्ला जोशी टोला में हादसे के बाद गली में पड़े आतिशबाजी के पैकेट। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
सर्वेश कुमार शर्मा
पीलीभीत। लाइसेंस भले ही आतिशबाजी बनाने और बिक्री का अजीम बेग के पास है। मगर घनी आबादी के बीच आतिशबाजी का भंडारण नहीं किया जा सकता है। बिक्री के लिए घर में आतिशबाजी रखी थी। इस बात को एसपी ने भी स्वीकार किया है। इससे साफ है कि पटाखा कारोबारी घर से आतिशबाजी का कारोबार चला रहा था और संबंधित अफसर आंखें मूंदे बैठे थे। वैसे भी पटाखा कारोबारी के ठिकानों की याद अफसरों को महज दिवाली के आस-पास ही आती है।
अजीम बेग पटाखा कारोबारी है। इसके लिए उन्होंने कस्बे से करीब एक किलोमीटर दूर गोदाम बनाया है। यहां आतिशबाजी बनाने के साथ ही बिक्री भी की जाती है। पिछले लंबे समय से अजीम इस कारोबार से जुड़े हुए है। उनके पास पटाखा बनाने व बेचने का 2025 तक के लिए लाइसेंस था। बताया जा रहा है कि अजीम ने घर पर भी पटाखों का भंडारण कर रखा था। आस-पास के कस्बों से आने वाले दुकानदारों को वह घर से ही आतिशबाजी दे दिया करते थे। लेकिन इसका किसी ने ध्यान नहीं दिया। लाइसेंस देने के दौरान गोदाम या फिर दुकान की दूरी घनी आबादी से देखी जाती है लेकिन इसके बाद भी अजीम घर से बेधड़क होकर आतिशबाजी की दुकान चला रहे थे। सुरक्षा का जिम्मा उठाए अफसरों को भनक तक नहीं लगी। यह अहम सवाल है। संवाद
स्काई शॉट बनाते वक्त हादसा होने की होती रही चर्चा
पुलिस अफसर भले ही बिक्री के लिए रखी आतिशबाजी का हवाला दे रहे हों, मगर आसपास के लोगों में स्काई शॉट (हवाई पटाखा) बनाते वक्त हादसा होने की आम चर्चा है। कुछ लोग लंबे समय से घर के अंदर पटाखा बनाने की बात भी कह रहे थे। लोगों का कहना था कि गोदाम तो बस नाम का है, काम तो घर पर ही होता है। यहां कोई चेकिंग के लिए नहीं आता। अगर समय से चेकिंग की गई होती, तो हादसा नहीं होता।
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बारिश ने जनहानि होने से रोका
विस्फोट के दौरान मकान में जबरदस्त हादसा हुआ और दूर-दूर तक ईंटों के टुकड़े जाकर गिर रहे थे। अगर बारिश नहीं हो रही होती, तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था। आग की लपटों पर काबू पाना काफी मुश्किल होता। बारिश होने के कारण लोग घरों में थे। आग की लपटों पर भी जल्दी काबू पा लिया गया। बारिश के कारण आग आसपास के घरों तक नहीं पहुंच सकी। सिर्फ वही घर क्षतिग्रस्त हुए जिन पर मलबा गिरा था।
भयानक मंजर देख सहम गए लोग
विस्फोट की आवाज और मकान का हवा में उड़ता मलबा भयानक मंजर बया कर रहा था। यह मंजर देख लोग सहम गए। कोई घर में घुसा तो कोई आबादी के बाहर भाग खड़ा हुआ। विस्फोट होना जब बंद हुआ तो कुछ देर बाद वहां चारों तरफ भीड़ जुट गई। इस हादसे के बाद लोगों के चेहरों पर खौफ साफ झलक रहा था। हर कोई हादसे की चर्चा करता नजर आया।
फॉरेंसिक टीम से जांच कर रही है। इसके अलावा सीओ सदर लल्लन सिंह की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की है। टीम यह जांच करेगी कि लाइसेंस आबादी से बाहर का है तो आतिशबाजी आबादी के अंदर कैसे पहुंची। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार पी., एसपी
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पीलीभीत। लाइसेंस भले ही आतिशबाजी बनाने और बिक्री का अजीम बेग के पास है। मगर घनी आबादी के बीच आतिशबाजी का भंडारण नहीं किया जा सकता है। बिक्री के लिए घर में आतिशबाजी रखी थी। इस बात को एसपी ने भी स्वीकार किया है। इससे साफ है कि पटाखा कारोबारी घर से आतिशबाजी का कारोबार चला रहा था और संबंधित अफसर आंखें मूंदे बैठे थे। वैसे भी पटाखा कारोबारी के ठिकानों की याद अफसरों को महज दिवाली के आस-पास ही आती है।
अजीम बेग पटाखा कारोबारी है। इसके लिए उन्होंने कस्बे से करीब एक किलोमीटर दूर गोदाम बनाया है। यहां आतिशबाजी बनाने के साथ ही बिक्री भी की जाती है। पिछले लंबे समय से अजीम इस कारोबार से जुड़े हुए है। उनके पास पटाखा बनाने व बेचने का 2025 तक के लिए लाइसेंस था। बताया जा रहा है कि अजीम ने घर पर भी पटाखों का भंडारण कर रखा था। आस-पास के कस्बों से आने वाले दुकानदारों को वह घर से ही आतिशबाजी दे दिया करते थे। लेकिन इसका किसी ने ध्यान नहीं दिया। लाइसेंस देने के दौरान गोदाम या फिर दुकान की दूरी घनी आबादी से देखी जाती है लेकिन इसके बाद भी अजीम घर से बेधड़क होकर आतिशबाजी की दुकान चला रहे थे। सुरक्षा का जिम्मा उठाए अफसरों को भनक तक नहीं लगी। यह अहम सवाल है। संवाद
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स्काई शॉट बनाते वक्त हादसा होने की होती रही चर्चा
पुलिस अफसर भले ही बिक्री के लिए रखी आतिशबाजी का हवाला दे रहे हों, मगर आसपास के लोगों में स्काई शॉट (हवाई पटाखा) बनाते वक्त हादसा होने की आम चर्चा है। कुछ लोग लंबे समय से घर के अंदर पटाखा बनाने की बात भी कह रहे थे। लोगों का कहना था कि गोदाम तो बस नाम का है, काम तो घर पर ही होता है। यहां कोई चेकिंग के लिए नहीं आता। अगर समय से चेकिंग की गई होती, तो हादसा नहीं होता।
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बारिश ने जनहानि होने से रोका
विस्फोट के दौरान मकान में जबरदस्त हादसा हुआ और दूर-दूर तक ईंटों के टुकड़े जाकर गिर रहे थे। अगर बारिश नहीं हो रही होती, तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था। आग की लपटों पर काबू पाना काफी मुश्किल होता। बारिश होने के कारण लोग घरों में थे। आग की लपटों पर भी जल्दी काबू पा लिया गया। बारिश के कारण आग आसपास के घरों तक नहीं पहुंच सकी। सिर्फ वही घर क्षतिग्रस्त हुए जिन पर मलबा गिरा था।
भयानक मंजर देख सहम गए लोग
विस्फोट की आवाज और मकान का हवा में उड़ता मलबा भयानक मंजर बया कर रहा था। यह मंजर देख लोग सहम गए। कोई घर में घुसा तो कोई आबादी के बाहर भाग खड़ा हुआ। विस्फोट होना जब बंद हुआ तो कुछ देर बाद वहां चारों तरफ भीड़ जुट गई। इस हादसे के बाद लोगों के चेहरों पर खौफ साफ झलक रहा था। हर कोई हादसे की चर्चा करता नजर आया।
फॉरेंसिक टीम से जांच कर रही है। इसके अलावा सीओ सदर लल्लन सिंह की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की है। टीम यह जांच करेगी कि लाइसेंस आबादी से बाहर का है तो आतिशबाजी आबादी के अंदर कैसे पहुंची। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार पी., एसपी