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Pilibhit News: जानलेवा हमले के दोषी को दस वर्ष कैद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जानलेवा हमला कर घायल करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राकेश वशिष्ठ ने आरोपित को दोषी पाते हुए दस वर्ष की सजा से दंडित किया है। साथ ही बीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
पूरनपुर के ग्राम कसगंजा की अरसी पत्नी बबलू उर्फ निसार अहमद ने थाना पूरनपुर में तहरीर देकर कहा उसके पिता की मृत्यु दो वर्ष पहले हो गई थी। वह चार बहन व एक भाई है। उसकी मां ने दूसरा निकाह रहमत शाह के साथ कर लिया। रहमत शाह की निगाह उसकी मां की संपत्ति पर थी। वह आए दिन उसे व उसके भाई-बहन को परेशान करते थे।
20 नवंबर 2020 को उसके घर पर कार्यक्रम था। रहमत शाह ने उसकी मां हुस्न आरा को उसके घर नहीं आने दिया। उसके मामा गुड्डू घर आए तो वह उसकी मां हुस्नआरा को उसके घर ले आए। तभी रहमत शाह आया और गालियां देते हुए हुस्न आरा को पीटने लगा। मामा अशफाक ने बचाया तो रहमत शाह ने जान से मारने की नीयत से तमंचे से अशफाक को गोली मार दी। पुलिस की मदद से अस्पताल मे भर्ती कराया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करकर बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कई गवाह पेश किए। वहीं रहमत शाह ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद रहमत शाह को दोषी पाते हुए दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता अपराध नंदन बाबू गंगवार ने की।
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पीलीभीत। जानलेवा हमला कर घायल करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राकेश वशिष्ठ ने आरोपित को दोषी पाते हुए दस वर्ष की सजा से दंडित किया है। साथ ही बीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
पूरनपुर के ग्राम कसगंजा की अरसी पत्नी बबलू उर्फ निसार अहमद ने थाना पूरनपुर में तहरीर देकर कहा उसके पिता की मृत्यु दो वर्ष पहले हो गई थी। वह चार बहन व एक भाई है। उसकी मां ने दूसरा निकाह रहमत शाह के साथ कर लिया। रहमत शाह की निगाह उसकी मां की संपत्ति पर थी। वह आए दिन उसे व उसके भाई-बहन को परेशान करते थे।
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20 नवंबर 2020 को उसके घर पर कार्यक्रम था। रहमत शाह ने उसकी मां हुस्न आरा को उसके घर नहीं आने दिया। उसके मामा गुड्डू घर आए तो वह उसकी मां हुस्नआरा को उसके घर ले आए। तभी रहमत शाह आया और गालियां देते हुए हुस्न आरा को पीटने लगा। मामा अशफाक ने बचाया तो रहमत शाह ने जान से मारने की नीयत से तमंचे से अशफाक को गोली मार दी। पुलिस की मदद से अस्पताल मे भर्ती कराया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करकर बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कई गवाह पेश किए। वहीं रहमत शाह ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद रहमत शाह को दोषी पाते हुए दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता अपराध नंदन बाबू गंगवार ने की।
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