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Pilibhit News: गांवों में दौड़ रहीं टीमें, नहीं मिली हमलावर बाघिन की मौजूदगी

Tue, 22 Jul 2025 10:39 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 10:39 PM IST
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Teams are running in the villages, presence of attacking tigress is not found
न्यूरिया। दो घंटे के अंतराल में तीन हमले कर महिला की जान लेने वाली बाघिन की लोकेशन घटना के पांच दिन बाद भी नहीं मिल सकी है। वन विभाग की टीमें गांव-गांव घूम रहीं हैं। मंगलवार शाम भी क्षेत्र में बाघिन की चहलकदमी का शोर मचा। टीम मौके पर पहुंची और खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों में डर का माहौल बना है।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के मंडरिया, फुलहर, महेशपुर, डंडिया, मेवातपुर, पौटा खुर्द समेत कई गांवों में बाघिन की दहशत है। 17 जुलाई को तीन लोगों पर हमले और एक महिला की मौत की घटना के बाद से स्थिति और बिगड़ गई थी। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद वन विभाग के अफसरों ने बाघिन को पकड़ने के प्रयास तेज किए गए थे, लेकिन उसी दिन शाम को महेशपुर गांव की सीमा में दिखने के बाद से बाघिन की कहीं मौजूदगी दिखाई नहीं दे रही हैं।
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पिछले पांच दिनों से वन विभाग की 20 टीमें निगरानी में जुटी हैं। बाघिन को लालच देने के लिए तीन गांव की सीमा में मवेशी को भी बांधा गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मंगलवार को भी टीमें गांव-गांव घूमती रहीं। ग्रामीणों से जानकारी करने के साथ ही संभावित स्थानों पर गन्ने के खेतों में सर्च अभियान भी चलाया गया, लेकिन कहीं भी बाघिन की मौजूदगी दिखाई नहीं दी।
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शाम के समय महेशपुर के निकट बाघिन की चहलकदमी की सूचना पर वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और सर्च अभियान चलाया गया। देर शाम तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि टीमें निगरानी में जुटी हैं, लेकिन अभी बाघिन की कोई लोकेशन नहीं मिल सकी है। ड्रोन से भी लगातार निगरानी की जा रही है।


उत्तराखंड की ओर निकलने की आशंका, टीमें अलर्ट
न्यूरिया क्षेत्र में दो माह पूर्व से चहलकदमी कर रही बाघिन ने पूर्व में मझोला क्षेत्र में कई दिन तक डेरा जमाया था। मवेशियों पर भी हमले की घटनाएं सामने आईं थीं। उधर, 17 जुलाई को मंडरिया गांव में हमले के बाद बाघिन महेशपुर गांव की सीमा में दिखाई दी। इसके बाद उसके बेल बाबा स्थान के पास नदी के दूसरी ओर पगचिह्न भी मिले थे। ऐसे में बाघिन के उत्तराखंड की ओर निकलने की संभावना भी जताई जा रही है। अफसरों ने इस बात का ध्यान रखते हुए उत्तराखंड की सीमा तक टीमों को लगाकर निगरानी के निर्देश दिए हैं।



करईया नवादा में बाघ का मचा शोर, सियार के निकले पगचिह्न
जहानाबाद। थाना क्षेत्र के करईया नवादा गांव में मंगलवार को बाघ की मौजूदगी का शोर मचा। इस पर बड़ी संख्या में ग्रामीण खेतों की ओर जमा हो गए। शोर-शराबा करना शुरू कर दिया। सूचना पर डिप्टी रेंजर देव ऋषि टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से जानकारी जुटाने के साथ पगचिह्न ट्रेस किए गए तो वह सियार के निकले। डिप्टी रेंजर ने बताया कि मौके पर सियार के पगचिह्न मिले। संवाद
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