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न कॉपी जांचेंगे और न जांचने देंगे
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Fri, 16 Mar 2018 07:45 PM IST
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योगी सरकार द्वारा मानदेय रोके जाने से खफा वित्तविहीन शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा के 17 मार्च से शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का एलान किया है। वित्तविहीन शिक्षकों की हुई बैठक में बहिष्कार कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की बैठक शुक्रवार को जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह पाल के आवास पर हुई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की योगी सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय रोककर अच्छा नहीं किया। इसके विरोध में प्रांतीय आह्वान पर बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। तय हुआ कि न तो कॉपी जांचेंगे और न ही दूसरे शिक्षकों को कॉपियां जांचने देंगे। जिला महासचिव महेंद्र पाल सिंह गंगवार ने कहा कि जब तक योगी सरकार वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय घोषित नहीं करेगी, मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रखा जाएगा। इसको लेकर यदि शिक्षकों को जेल भी जाना पड़ा तो वह हिचकिचाएंगे नहीं। बैठक में शिक्षकों ने डीएम शीतल वर्मा को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इस मौके पर अमित मोहन, नरेंद्र प्रताप सिंह, सर्वेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार पाल, नरेशचंद्र शर्मा, सुशील कुमार पाल समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
मूल्यांकन कार्य स्वैच्छिक करने की मांग
पीलीभीत। प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा। कहा कि प्रदेश के कई जिलों में डीआईओएस द्वारा प्रधानाचार्यों को मूल्यांकन कार्य करना स्वैच्छिक कर दिया गया है। गृह परीक्षा से लेकर एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र की तैयारी आदि कार्य भी इस मध्य करने हैं। लिहाजा माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी मूूल्यांकन कार्य स्वैच्छिक करने का पत्र जारी किया जाए। ज्ञापन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों को आउटसोर्सिंग से भरने की मांग की गई।
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की बैठक शुक्रवार को जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह पाल के आवास पर हुई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की योगी सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय रोककर अच्छा नहीं किया। इसके विरोध में प्रांतीय आह्वान पर बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। तय हुआ कि न तो कॉपी जांचेंगे और न ही दूसरे शिक्षकों को कॉपियां जांचने देंगे। जिला महासचिव महेंद्र पाल सिंह गंगवार ने कहा कि जब तक योगी सरकार वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय घोषित नहीं करेगी, मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रखा जाएगा। इसको लेकर यदि शिक्षकों को जेल भी जाना पड़ा तो वह हिचकिचाएंगे नहीं। बैठक में शिक्षकों ने डीएम शीतल वर्मा को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इस मौके पर अमित मोहन, नरेंद्र प्रताप सिंह, सर्वेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार पाल, नरेशचंद्र शर्मा, सुशील कुमार पाल समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
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मूल्यांकन कार्य स्वैच्छिक करने की मांग
पीलीभीत। प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा। कहा कि प्रदेश के कई जिलों में डीआईओएस द्वारा प्रधानाचार्यों को मूल्यांकन कार्य करना स्वैच्छिक कर दिया गया है। गृह परीक्षा से लेकर एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र की तैयारी आदि कार्य भी इस मध्य करने हैं। लिहाजा माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी मूूल्यांकन कार्य स्वैच्छिक करने का पत्र जारी किया जाए। ज्ञापन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों को आउटसोर्सिंग से भरने की मांग की गई।
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