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खजाने के लिए बच्ची के साथ कोई ऐसा कैसे कर सकता है, दिल दहल उठेगा
Fri, 29 Nov 2019 02:16 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
संवाद न्यूज एजेंसी, बीसलपुर (पीलीभीत)
संवाद न्यूज एजेंसी, बीसलपुर (पीलीभीत)
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 29 Nov 2019 02:16 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
खजाना पाने के लिए पूजापाठ के नाम पर तंत्र-मंत्र कर मासूम की बलि देने वाले तांत्रिक ओमकार ने मासूम अरुण को बहुत यातनाएं दीं। इसी ने मासूम की बलि देने के लिए पूजा-पाठ कराया। पुलिस ने तांत्रिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी सुधीर को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव पुरैनिया रामगुलाम निवासी प्रेमशंकर का चार वर्षीय पुत्र अरुण 18 नवंबर को घर के बाहर खेलते वक्त लापता हो गया था। 19 नवंबर को उसका शव गांव के बाहर तालाब किनारे पड़ा मिला था। तीन दिन पूर्व पिता ने गांव के सुधीर के खिलाफ नामजद तहरीर दी। उसने खेत में दबा खजाना पाने के लिए अरुण की बलि देने का आरोप लगाया था।
पुलिस अधिकारियों ने पड़ताल की तो भी मामला बलि का ही निकला। मुख्य आरोपी सुधीर की पत्नी अंजू समेत 10 आरोपियों को बुधवार को पुलिस ने जेल भेज दिया था। मुख्य तांत्रिक जोगीठेर गांव निवासी ओमकार और मुख्य आरोपी सुधीर नहीं पकड़े जा सके थे। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने ओमकार को पकड़ने के बाद कोतवाली लाकर पूछताछ की। तांत्रिक ओमकार ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
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सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि बच्चे की बलि देने की तंत्र विद्या में अहम भूमिका ओमकार की थी। उसी ने पूजापाठ कराया। बच्चे को तंत्र विद्या के नाम पर यातनाएं भी इसी तांत्रिक ने दीं। सहयोगी के तौर पर एक दिन पूर्व जेल भेजा गया तांत्रिक चंद्रपाल था। पूछताछ के बाद उसे भी जेल भेज दिया गया।
वह अंधविश्वास में पड़कर मासूम की जान लेने से भी पीछे नहीं हटा। ग्रामीण दबी जुबां से कह रहे हैं कि सुधीर ने दो साल पहले गांव की छह वर्षीय बच्ची को अगवा करने की कोशिश की थी। शोर मचने पर वह बच्ची को छोड़कर भाग गया था।
अरुण का शव मिलने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर इंस्पेक्टर मनीराम सिंह ने डूबने से मौत की बात कहकर मामला दबा दिया। परिजन ने सुरागरसी के बाद जब बलि का अंदेशा जताया, तो अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का फिर से अध्ययन किया। तब पता चला कि पीएम रिपोर्ट में अरुण के शव पर आठ चोटें आईं थीं। सीओ से रिपोर्ट मांगी गई। सीओ ने रिपोर्ट एसपी को भेज दी। अब कार्रवाई की तैयारी है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव पुरैनिया रामगुलाम निवासी प्रेमशंकर का चार वर्षीय पुत्र अरुण 18 नवंबर को घर के बाहर खेलते वक्त लापता हो गया था। 19 नवंबर को उसका शव गांव के बाहर तालाब किनारे पड़ा मिला था। तीन दिन पूर्व पिता ने गांव के सुधीर के खिलाफ नामजद तहरीर दी। उसने खेत में दबा खजाना पाने के लिए अरुण की बलि देने का आरोप लगाया था।
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पुलिस अधिकारियों ने पड़ताल की तो भी मामला बलि का ही निकला। मुख्य आरोपी सुधीर की पत्नी अंजू समेत 10 आरोपियों को बुधवार को पुलिस ने जेल भेज दिया था। मुख्य तांत्रिक जोगीठेर गांव निवासी ओमकार और मुख्य आरोपी सुधीर नहीं पकड़े जा सके थे। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने ओमकार को पकड़ने के बाद कोतवाली लाकर पूछताछ की। तांत्रिक ओमकार ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
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सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि बच्चे की बलि देने की तंत्र विद्या में अहम भूमिका ओमकार की थी। उसी ने पूजापाठ कराया। बच्चे को तंत्र विद्या के नाम पर यातनाएं भी इसी तांत्रिक ने दीं। सहयोगी के तौर पर एक दिन पूर्व जेल भेजा गया तांत्रिक चंद्रपाल था। पूछताछ के बाद उसे भी जेल भेज दिया गया।
पहले भी एक बच्ची के अगवा करने की कोशिश कर चुका था सुधीर
मुख्य आरोपी सुधीर उर्फ मुन्ना ने पांचवीं तक पढ़ाई की है। वह दो भाइयों में बड़ा है। उसका छोटा भाई संतोष कुमार है। उसके हिस्से में 10 बीघा जमीन है। उसके दो बच्चे हैं। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह ट्रैक्टर मैकेनिक का काम सीखता रहा। फिर उसने टिकरी कस्बे में वर्कशॉप खोली। वहां काम करता रहा। जल्द अमीर बनने की चाहत में वह तंत्र विद्या के फेर में फंसता चला गया।वह अंधविश्वास में पड़कर मासूम की जान लेने से भी पीछे नहीं हटा। ग्रामीण दबी जुबां से कह रहे हैं कि सुधीर ने दो साल पहले गांव की छह वर्षीय बच्ची को अगवा करने की कोशिश की थी। शोर मचने पर वह बच्ची को छोड़कर भाग गया था।
सुधीर की मां बोली.. मेरा बेटा निर्दोष
मुख्य आरोपी सुधीर के परिवार वाले पुलिस के खुलासे के बाद हुई कार्रवाई को सिरे से नकारते रहे। मां पुष्पा देवी ने कहा कि उनके बेटे सुधीर को बेवजह फंसाया गया है। अरुण के परिवार के एक व्यक्ति के कहने पर ये कार्रवाई कराई गई है। आरोपी के ताऊ पूर्व प्रधान देवदत्त गंगवार ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से मुलाकात करेंगे।सीओ ने भेजी रिपोर्ट, इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की तैयारी
मासूम अरुण की बलि देने के मामले में लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर मनीराम सिंह पर कार्रवाई की तैयारी है। सीओ ने पूरे मामले की रिपोर्ट एसपी को भेज दी है। अधिकारी एक-दो दिन में एक्शन ले सकते हैं।अरुण का शव मिलने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर इंस्पेक्टर मनीराम सिंह ने डूबने से मौत की बात कहकर मामला दबा दिया। परिजन ने सुरागरसी के बाद जब बलि का अंदेशा जताया, तो अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का फिर से अध्ययन किया। तब पता चला कि पीएम रिपोर्ट में अरुण के शव पर आठ चोटें आईं थीं। सीओ से रिपोर्ट मांगी गई। सीओ ने रिपोर्ट एसपी को भेज दी। अब कार्रवाई की तैयारी है।
बच्चे की बलि देने के मामले में तांत्रिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब तक 11 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। सुधीर को पकड़ने के लिए टीम लगाई है। सीओ से रिपोर्ट मिलने के बाद लापरवाह इंस्पेक्टर पर कार्रवाई होगी। - अभिषेक दीक्षित, एसपी