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वनवाचरों का टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर धरना

Thu, 01 Jun 2017 10:30 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Thu, 01 Jun 2017 10:30 PM IST
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Taking the reforestation at Tiger Reserve headquarters
वनवाचरों का टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर धरना
टाइगर रिजर्व की सुरक्षा में तैनात वाचरों को छह माह से वेतन नहीं मिला है। इससे नाराज वाचरों ने टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर धरना देकर नारेबाजी की। काफी देर बाद डीएफओ के आश्वासन पर वाचरों ने आंदोलन खत्म किया। टाइगर रिजर्व में स्थाई कर्मचारियों की कमी के चलते शासन की अनुमति से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में वाचर रखे गए हैं। जंगल की सुरक्षा में रात दिन लगे इन वाचरों को छह माह से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से इनके परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। कई बार लिखित शिकायत करने के बाद भी मानदेय न मिलने से नाराज वाचर बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और टाइगर रिजर्व कार्यालय के गेट पर धरना देकर नारेबाजी की। वाचरों का आरोप है कि उनसे रात दिन काम लिया जाता है। रात के समय उन्हें अकेले ही वॉच टावरों पर रहकर जंगल की निगरानी करनी होती है जिसमें जंगली जानवरों के सांप, बिच्छु एवं अन्य जहरीले कीटों का भी डर रहते हैं। 24 घंटे की ड्यूटी लेने के बाद भी मात्र आठ घंटे की हाजिरी लगाकर नाममात्र का मानदेय दिया जाता है जबकि वह लोग कुशल श्रमिक श्रेणी में आते हैं। इसका शासनादेश होने के बाद भी काफी कम मजदूरी दी जाती है वह भी समय से नहीं मिलती। दोपहर को डीएफओ ने वाचरों से वार्ता कर उन्हें बताया कि जिला स्तर से भुगतान में कोई दिक्कत नहीं है। शासन से धनराशि न मिलने से समस्या आ रही है। इसके लिए पत्राचार किया जा चुका है। फोन से भी उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। धनराशि मिलते ही सभी का मानदेय दिला दिया जाएगा। डीएफओ के आश्वासन पर वाचरों ने धरना समाप्त कर दिया।
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