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Pilibhit News: सुप्रीम काेर्ट ने डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट से मांगा जवाब
Wed, 17 Sep 2025 12:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 17 Sep 2025 12:12 AM IST
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पीलीभीत। शहर से सटे गांव चंदोई में गाटा संख्या 492 पर बनी अवैध दुकानों को अब तक न ढहाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने पीलीभीत जिलाधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट से जवाब मांगा है। साथ ही हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश को स्टे कर दिया है। प्रशासन ने जवाब दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
गांव चंदोई निवासी हुमेरा सुल्तान की गाटा संख्या 492 पर स्थित भूमि पर लोगों ने अवैध तरीके से पांच दुकानों का निर्माण करा लिया था। हुमेरा ने सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया। 12 दिसंबर 2024 को सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय ने वादिनी की शिकायत पर मामला दर्ज कर बिना नक्शा और बिना किसी दस्तावेज के अवैध निर्माण पाते हुए सभी पांच दुकानों के ध्वस्तीकरण का आदेश कर दिया।
मामले में दूसरे पक्ष ने डीएम न्यायालय में अपील दायर की। उधर, हुमेरा सुल्तान लगातार अवैध दुकानों के ध्वस्तीकरण के आदेश का पालन करने की मांग करती रहीं। विनियमित क्षेत्र की ओर से की गई हीलाहवाली का दूसरे पक्ष ने फायदा उठाया और मई में उच्च न्यायालय इलाहाबाद से स्टे ले लिया। इसमें उच्च न्यायालय ने सिटी मजिस्ट्रेट को दो माह तक अवैध निर्माण पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई न करने का आदेश दिया था।
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इसको लेकर वादिनी हुमेरा सुल्तान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब सर्वोच्च न्यायालय ने डीएम पीलीभीत, सिटी मजिस्ट्रेट और दूसरे पक्ष से जवाब मांगा है।
वर्जन
हुमेरा सुल्तान की शिकायत पर जांच के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया था। बाद में डीएम न्यायालय में सुनवाई की गई तो जमीन से संंबंधित कुछ बातें सामने आईं। सुनवाई अभी चल रही है। उधर, दूसरे पक्ष ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। इसी मामले को लेकर हुमेरा सुल्तान ने सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया। जवाब मांगा गया है। उसकी तैयारी चल रही है। विजय वर्धन, सिटी मजिस्ट्रेट
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गांव चंदोई निवासी हुमेरा सुल्तान की गाटा संख्या 492 पर स्थित भूमि पर लोगों ने अवैध तरीके से पांच दुकानों का निर्माण करा लिया था। हुमेरा ने सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया। 12 दिसंबर 2024 को सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय ने वादिनी की शिकायत पर मामला दर्ज कर बिना नक्शा और बिना किसी दस्तावेज के अवैध निर्माण पाते हुए सभी पांच दुकानों के ध्वस्तीकरण का आदेश कर दिया।
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मामले में दूसरे पक्ष ने डीएम न्यायालय में अपील दायर की। उधर, हुमेरा सुल्तान लगातार अवैध दुकानों के ध्वस्तीकरण के आदेश का पालन करने की मांग करती रहीं। विनियमित क्षेत्र की ओर से की गई हीलाहवाली का दूसरे पक्ष ने फायदा उठाया और मई में उच्च न्यायालय इलाहाबाद से स्टे ले लिया। इसमें उच्च न्यायालय ने सिटी मजिस्ट्रेट को दो माह तक अवैध निर्माण पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई न करने का आदेश दिया था।
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इसको लेकर वादिनी हुमेरा सुल्तान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब सर्वोच्च न्यायालय ने डीएम पीलीभीत, सिटी मजिस्ट्रेट और दूसरे पक्ष से जवाब मांगा है।
वर्जन
हुमेरा सुल्तान की शिकायत पर जांच के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया था। बाद में डीएम न्यायालय में सुनवाई की गई तो जमीन से संंबंधित कुछ बातें सामने आईं। सुनवाई अभी चल रही है। उधर, दूसरे पक्ष ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। इसी मामले को लेकर हुमेरा सुल्तान ने सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया। जवाब मांगा गया है। उसकी तैयारी चल रही है। विजय वर्धन, सिटी मजिस्ट्रेट