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फंदे पर झूला हत्यारोपी, सुसाइड नोट में लिखा कि पुलिस मांग रही दो लाख

Tue, 07 Sep 2021 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 02:08 AM IST
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suicide
मौके पर रोते बिलखत मृतक के परिजन - फोटो : PILIBHIT
बरखेड़ा/पीलीभीत। हत्या के मामले फरार चल रहे हत्यारोपी भीमसेन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में गांव में मकान से थोड़ी दूर एक पेड़ पर लटका मिला। सोमवार सुबह जब उसका शव लटका देखा तो गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस अफसरों समेत थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। परिवार वालों ने फर्जी मुकदमा और पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर फंदा लगाकर जान देने की बात कही। मृतक के पास से सुसाइड नोट भी मिला। परिवार वालों ने शव उठाने पर विरोध किया। उनकी मांग थी कि फर्जी मुकदमा लिखाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन की जा रही है।
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थाना क्षेत्र के ग्राम बस्थना निवासी लाल बिहारी ने बताया कि उनके छोटे भाई भीमसेन के साढू गजरौला थाना क्षेत्र के अजीतपुर पटपरा गांव निवासी रामस्वरूप की नौ अगस्त को हत्या हो गई थी। मामले में रामस्वरूप के पिता जीवनलाल ने गजरौला थाने में मृतक की पत्नी जसमंती, उसके बहनोई बरखेड़ा के गांव बस्थना निवासी 42 वर्षीय भीमसेन पुत्र खरागसेन और एक अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पत्नी को हाल ही में गजरौला पुलिस ने जेल भेज दिया था। दूसरा आरोपी भीमसेन अभी फरार चल रहा था।
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परिवार वालों के मुताबिक रविवार को भी पुलिस ने उसके घर दबिश दी थी। लेकिन वह घर पर नहीं मिला था। सोमवार सुबह करीब पांच बजे गांव में ही मकान से कुछ दूरी पर एक पाकड़ के पेड़ पर भीमसेन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में रस्सी से लटका मिला। सूचना पर बरखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। उसके मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला।
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पुलिस ने शव को नीचे उतरवाने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी। जिसका परिवार वालों ने विरोध किया। इस पर एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी और सीओ बीसलपुर प्रशांत सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मामले को खुदकुशी माना जा रहा है। हालांकि इसके पीछे गांव के कुछ लोगों के साथ ही पुलिस की प्रताड़ना को भी अहम वजह बताया है।
सुसाइड नोट में पुलिस पर लगाया दो लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
मृतक भीमसेन की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि उसे झूठे मुकदमे फंसाया गया है। पुलिस वाले उस पर दबाव बनाते थे कि तुम्हारी कॉल डिटेल निकाली है। इसमें तुम अपने साढ़ू की पत्नी से बात करते हो। इसलिए दो लाख रुपये की मांग करना शुुरू कर दी। इस पर मुकदमा वादी, पुलिस और अन्य लोगों ने उसे प्रताड़ित करना शुरूकर दिया। जिससे आहत होकर आत्महत्या कर रहा हूूं।
मृतक के भाई की तहरीर पर सिपाही समेत चार पर रिपोर्ट दर्ज
आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
मृतक भीमसेन की मौत के बाद परिवार वालों ने मुकदमा वादी और प्रताड़ित करने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। इस पर पुलिस ने किसी तरह समझाकर शांत करते हुए शव पोस्टमार्टम को भिजवा दिया, लेकिन शव का पोस्टमार्टम होकर घर पहुंचने के बाद परिवार वाले दोबारा कार्रवाई की मांग पर अड़ गए और शव का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया। सूचना पर सीओ समेत थाना पुलिस मौके पर पहुंची। और मृतक के भाई छविनाथ की तहरीर पर सिपाही फौजी योगेंद्र सिंह, हल्का चौकी इंचार्ज, मुकदमावादी जीवनलाल और बब्लू के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पिता बोला बीती रात भी आई थी पुलिस
मृतक भीमसेन के पिता खरगसेन ने कहा कि उनके बेटे पर हत्या को झूठे आरोप लगाकर फंसा दिया गया था। पुलिस लगातार परेशान कर रही थी। बीती रात भी पुलिस घर आई थी। तब बेटा भाग गया था। रातभर घर नहीं आया। परिजन उसे तलाशते रहे। अब उसका शव मिला, न्याय होना चाहिए।

भीमसेन नाम के एक व्यक्ति के खुदकुशी की सूचना मिली थी। उसका शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। इस पर गजरौला थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज थी। सुसाइड नोट भी कब्जे में लिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। - दिनेश कुमार पी, एसपी
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